सीमा सिंह शहडोल सनातन धर्म में राम नवमी का विशेष महत्व है। पंचांग के अनुसार, इस बार 6 अप्रैल को मनाई जाने वाली रामनवमी पर सुबह 11 बजकर आठ मिनट से दोपहर एक बजकर 39 मिनट तक शुभ मुहूर्त रहेगा। देश के प्रमुख राम मंदिरों में तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
- चैत्र शुक्ल नवमी तिथि का आरंभ पांच अप्रैल को
- शाम 7 बजकर 26 मिनट से लगेगी नवमी तिथि
- 6 अप्रैल रविवार शाम 7.22 बजे होगी समाप्त
चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि यानी छह अप्रैल को रामनवमी का त्योहार मनाया जाएगा। इस दिन भगवान श्रीराम का अवतरण हुआ था। इस दिन प्रभु रामलला का जन्मोत्सव मनाने के साथ पूजा की जाती है।
मध्य प्रदेश में ग्वालियर के ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि इस दिन श्रीराम के साथ माता सीता की पूजा करने से साधक को हर एक दुख-दर्द से निजात मिल जाती है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा करने का भी विधान है।
रामनवमी शुभ मुहूर्त, पूजा समय

चैत्र शुक्ल नवमी तिथि का आरंभ पांच अप्रैल शनिवार को शाम सात बजकर 26 मिनट से होगा। नवमी तिथि समाप्त छह अप्रैल रविवार को शाम सात बजकर 22 मिनट पर होगी।
पंचांग के अनुसार छह अप्रैल को रामनवमी का शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर आठ मिनट से दोपहर एक बजकर 39 मिनट तक रहेगा।
इस शुभ तिथि पर कई मंगलकारी योग बनेंगे
- ज्योतिषियों के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर रवि पुष्य योग समेत कई अद्भुत संयोग बन रहे हैं। सुबह से लेकर शाम छह बजकर 55 मिनट तक सुकर्मा योग रहेगा।
- रवि पुष्य योग सुबह छह बजकर 18 मिनट से लेकर सात अप्रैल को सुबह छह बजकर 17 मिनट तक रहेगा और सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह छह बजकर 18 मिनट से आरंभ होगा, जो पूरे दिन रहेगा।
- इसी के साथ सुलक्ष्मी योग, मालव्य योग और बुधआदित्य योग बन रहे हैं।
राम नवमी की पूजा से मिलती है सफलता
कार्यों में सफलता पाने के लिए राम नवमी के शुभ अवसर पर भगवान श्रीराम की विधिपूर्वक पूजा करें और देसी घी का दीपक जलाकर आरती करें। उन्हें चंदन का तिलक लगाएं और श्रीराम स्तुति का पाठ करें।
ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को करने से साधक को सभी कामों में सफलता प्राप्त होती है और प्रभु प्रसन्न होते हैं।इसके अलावा राम नवमी के दिन अन्न और धन का दान करना शुभ माना जाता है।
इस उपाय को करने से साधक को भगवान श्रीराम की कृपा प्राप्त होती है। साथ ही सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।इन योग में भगवान श्रीराम एवं राम परिवार की पूजा करने से साधक की हर एक मनोकामना पूरी होगी। साथ ही जीवन में सुखों का आगमन होता है।







