सीमा सिंह शहडोल -: गुजरात के बनासकांठा स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे में देवास और हरदा जिले के 18 लोगों की मौत हो गई थी। इन मृतकों के शव गुरुवार सुबह एंबुलेंस के माध्यम से लाए गए और संदलपुर, खातेगांव और हंडिया से नेमावर के नर्मदा तट किनारे ले जाया गया।
- बनासकांठा हादसे में मारे गए 18 लोगों का एक साथ अंतिम संस्कार हुआ।
- देवास और हरदा जिले के 18 लोगों की मौत के बाद परिवारों में मातम छाया।
- परिवार वाले रो-रोकर मृतकों का चेहरा एक बार दिखाने की लगाते रहे गुहार।
गुजरात के बनासकांठा स्थित पटाखा फैक्ट्री में दो दिन पहले हुए हादसे में देवास और हरदा जिले के 18 लोगों की मौत हो गई थी। गुरुवार सुबह इनके शव एंबुलेंस के माध्यम से लाए गए तो संदलपुर और हंडिया में चीख-पुकार मच गई।
कई शवों की हालत क्षत विक्षत होने के कारण अंतिम दर्शन तक गांव में नहीं कराए गए। कुछ देर बाद शवों को संदलपुर, खातेगांव और हंडिया से नेमावर के नर्मदा तट किनारे ले जाया गया। यहां परिवार वालों ने उन्हें मुख़ाग्नि दी।
चेहरा दिखाने की गुहार

एक ही जगह पर 18 लोगों का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं इसी दौरान कई परिवार वाले चेहरा दिखाने की गुहार लगाते रहे, जिन शवों के चेहरे कुछ ठीक अवस्था में थे उनको दिखाया गया। अंतिम संस्कार के पहले मृतकों को कंधा भी नसीब नहीं हो पाया।

देवास जिले के शव पांच एंबुलेंस से आए
देवास जिले के संदलपुर के नौ शव चार एंबुलेंस तथा खातेगांव के एक व्यक्ति का शव एक एंबुलेंस से लाया गया। कुछ अन्य एंबुलेंस में हंडिया के आठ लोगों के शव थे।

शव गांव में पहुंचते ही चीख-पुकार मच गई, स्वजन रो-रो कर बदहवास हो गए, बड़ी मुश्किल से इनको संभाला गया। अंतिम संस्कार के दौरान खातेगांव विधायक आशीष शर्मा सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि व पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।







