सीमा सिंह शहडोल -: मध्य प्रदेश सरकार ने अंगदान(Organ Donation) करने वालों के स्वजन को आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने का फैसला किया है। इस योजना में प्रति परिवार वर्ष में पांच लाख रुपये तक निश्शुल्क उपचार की सुविधा मिलेगी। आय सीमा का कोई बंधन नहीं होगा।
- प्रति परिवार वर्ष में पांच लाख रुपये तक निश्शुल्क उपचार।
- इसमें आयु सीमा का कोई बंधन नहीं, सभी को मिलेगा लाभ।
- अंगदान को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार का बड़ा कदम।
अंगदानियों को अंतिम संस्कार के समय ‘गार्ड आफ आनर’ देने का निर्णय लेने के बाद मध्य प्रदेश सरकार उनके स्वजन को एक और बड़ी सुविधा देने जा रही है। उन्हें आयुष्मान भारत योजना का लाभ दिया जाएगा, जिसमें प्रति परिवार वर्ष में पांच लाख रुपये तक निश्शुल्क उपचार की सुविधा रहेगी।
इसमें आय सीमा का कोई बंधन नहीं रहेगा। इसके प्रचार-प्रसार व जागरूकता के लिए 18 लाख रुपये से डाक्यूमेंट्री बनवाई जा रही है। ब्रेन डेड रोगियों के अंगदान के लिए स्वजन को प्रोत्साहित करने को प्रदेश सरकार यह कदम उठाने जा रही है।
इसके अलावा स्टेट आर्गन एवं टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गनाइजेशन एक पोर्टल भी तैयार कर रहा है, जिसमें अंगदान करने वाले और जरूरतमंद दोनों पंजीयन करा सकेंगे। पोर्टल में अंगदान के नियम प्रक्रिया की भी जानकारी दी जाएगी।
तमिलनाडु अंगदान में सबसे आगे

बता दें कि नेशनल आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन की वर्ष 2023 में अंगदान की रिपोर्ट के अनुसार अंगदान के मामले में तमिलनाडु देश में अव्वल है। जहां वर्ष 2023 में 500 से अधिक अंग प्रत्यारोपण हुए। इसके बाद तेलंगाना, महाराष्ट्र, गुजरात का नंबर है।
एमपी में 2016 से अब तक 243 अंगदान हुए
मध्य प्रदेश में वर्ष 2016 से अब तक करीब 65 ब्रेन डेड लोगों के 243 अंगदान हुए हैं। इस लिहाज से यहां जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। प्रदेश के कुछ बड़े निजी और सरकारी अस्पतालों में हार्ट सहित सभी अंगों के प्रत्यारोपण की सुविधा है।
दरअसल, ‘आयुष्मान भारत’ केंद्र की योजना है, जिसमें केंद्र और राज्य दोनों मिलकर प्रीमियम देते हैं, पर राज्य आवश्यकता के अनुसार कुछ समूहों को अलग से जोड़ सकते हैं। इनका प्रीमियम राज्य सरकार चुकाती है।







