सीमा सिंह शहडोल -: यह कार्य 15 मार्च तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। संपर्कता सर्वे मोबाइल एप के माध्यम से भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। ग्राम रोजगार सहायक, पंचायत सचिव को इस एप पर भौतिक सत्यापन रजिस्टर करने का कार्य सौंपा गया है।
- सेटेलाइट मैप से चिह्नांकन के बाद मैदानी स्तर पर होगा भौतिक सत्यापन।
- चिह्नांकन कार्य इलेक्ट्रानिक विकास निगम ने सेटेलाइट मैप से किया गया है।
- सौ से अधिक जनसंख्या की बसाहटों में सड़क संपर्कता प्रदान की जा रही है।
प्रदेश की सौ से अधिक जनसंख्या वाली ग्रामीण बसाहटों को राज्य सरकार शहरी सड़कों से जोड़ेगी। इसके लिए केंद्र एवं राज्य प्रवर्तित विभिन्न योजनाओं जैसे पीएम ग्राम सड़क योजना, पीएम जनमन योजना, सीएम ग्राम सड़क योजना, सुदूर ग्राम सड़क संपर्क योजना आदि के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में पात्रतानुसार 500, 250 एवं 100 से अधिक जनसंख्या की बसाहटों में सड़क संपर्कता प्रदान की जा रही है। ऐसी ग्रामों की बसाहटें जो बारहमासी सड़कों से कनेक्टेड नहीं हैं, उनका चिह्नांकन का कार्य एमपी इलेक्ट्रानिक विकास निगम ने सेटेलाइट मैप से किया है और अब इनका भौतिक सत्यापन मैदानी स्तर पर किया जाना है।

पंचायत स्तर पर सत्यापन के बाद जिला स्तर पर होगा मंजूर
- पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी ने सभी जिला पंचायतों के सीईओ को निर्देश जारी कर कहा है कि वे संपर्कता सर्वे मोबाइल एप के माध्यम से ऐसी ग्रामीण बसाहटों का भौतिक सत्यापन कराएं।
- जिसमें पंचायत स्तर पर ग्राम रोजगार सहायक, सचिव को लगाया जाए जो संपर्कता सर्वे मोबाइल एप पर भौतिक सत्यापन रजिस्टर करें।
- जिला स्तर पर मप्र ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के महाप्रबंधक एप में रजिस्टर भौतिक सत्यापन को एप्रूव(मंजूर) करेंगे एवं दैनिक प्रगति से जिला पंचायत सीईओ को अवगत कराएंगे।







