सीमा सिंह शहडोल -: मध्य प्रदेश विधानसभा का 15 दिवसीय बजट सत्र 10 मार्च 2025 से शुरू हुआ। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सरकार की पिछले एक साल की उपलब्धियों और अगले पांच वर्षों के रोडमैप को साझा किया। उन्होंने जनकल्याण योजनाओं, प्रधानमंत्री आवास योजना, सड़कों, निवेश और सिंचाई परियोजनाओं पर चर्चा की।
- 1 लाख किलोमीटर सड़कें और 30 लाख करोड़ निवेश।
- नदी जोड़ो परियोजनाओं से सिंचाई में सुधार होगा।
- शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित।
मध्य प्रदेश विधानसभा का 15 दिवसीय बजट सत्र सोमवार 10 मार्च 2025 को राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। अपने संबोधन में राज्यपाल ने मोहन यादव सरकार की पिछले एक साल की उपलब्धियों को गिनाया और अगले पांच वर्षों का रोडमैप प्रस्तुत किया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में कोई भी जनकल्याण योजना बंद नहीं होगी। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहरों और गांवों में 22 लाख से अधिक आवास बनाने, एक लाख किलोमीटर सड़कें तैयार करने और 30.77 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की योजना का उल्लेख किया।
राज्यपाल ने किसानों, महिलाओं, युवाओं और जनजातीय समुदायों के कल्याण के लिए शुरू किए गए मिशनों पर भी प्रकाश डाला।
कोई योजना बंद नहीं, 22 लाख आवास का लक्ष्य
- राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्ध है और कोई भी योजना बंद नहीं की जाएगी। अगले पांच वर्षों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 22 लाख से अधिक आवास बनाए जाएंगे।
- ग्रामीण क्षेत्रों में 11 लाख 89 हजार आवासों की स्वीकृति मिली है, जबकि शहरी क्षेत्रों में 10 लाख आवासों का निर्माण प्रस्तावित है। राज्यपाल ने बताया कि अब तक 30 लाख ग्रामीण आवास बन चुके हैं और 13 लाख का निर्माण जारी है। यह योजना गरीबों को आवास उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगी।
एक लाख किमी सड़कें और 30 लाख करोड़ का निवेश
- प्रदेश के रोड नेटवर्क को मजबूत करने के लिए अगले पांच वर्षों में एक लाख किलोमीटर सड़कों का निर्माण होगा। राज्यपाल ने कहा कि पिछले एक साल में निवेश आकर्षित करने के प्रयासों से 30.77 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनके क्रियान्वयन पर काम शुरू हो गया है।
- इन निवेशों से 21 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव और इंटरैक्टिव सेशंस के जरिए औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए 18 नई नीतियां बनाई गई हैं, जिनका शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया।
नदी जोड़ो परियोजनाओं से सिंचाई में क्रांति
- सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार ने नदी जोड़ो परियोजनाओं पर जोर दिया है। राज्यपाल ने बताया कि केन-बेतवा परियोजना शुरू हो चुकी है, जो बुंदेलखंड के 10 जिलों में पानी पहुंचाएगी। पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना से मालवा के 11 जिले लाभान्वित होंगे।
- ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना पर महाराष्ट्र के साथ मिलकर काम चल रहा है, जिससे खंडवा और बुरहानपुर में सिंचाई क्षमता बढ़ेगी। इन परियोजनाओं से प्राकृतिक जल का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित होगा।
किसानों के लिए सौगातें, एक करोड़ हेक्टेयर तक सिंचाई
- किसानों के हित में कई कदम उठाए गए हैं। राज्यपाल ने कहा कि गेहूं पर 175 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त बोनस और धान उत्पादकों को 4,000 रुपये प्रति हेक्टेयर देने का फैसला लिया गया है। 2028-29 तक सिंचाई क्षमता 50 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर एक करोड़ हेक्टेयर की जाएगी।
- गोपालन को बढ़ावा देने के लिए 5 रुपये प्रति लीटर बोनस और बिजली बिल से राहत के लिए तीन साल में 30 लाख सोलर पंप देने की योजना है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और जनजातीय कल्याण पर फोकस
- राज्यपाल ने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रगति पर जोर दिया। भोपाल में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का परिसर स्थापित किया जा रहा है, वहीं 12 मेडिकल कॉलेज पीपीपी मॉडल पर शुरू होंगे।
- 780 पीएम श्री स्कूल बनाए जाएंगे। जनजातीय उत्कर्ष अभियान से एक करोड़ जनजातीय आबादी को लाभ होगा। धरती आबा अभियान के तहत कल्याणकारी योजनाएं चल रही हैं।
कानून व्यवस्था और प्रशासनिक सुधार
- कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ई-समन व्यवस्था लागू की गई है, जिससे मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया।
- जिला और तहसीलों के पुनर्गठन के लिए प्रशासकीय आयोग गठित किया गया है। जन विश्वास विधेयक से उद्योगपतियों और व्यवसायियों को सुविधा मिलेगी।
सांस्कृतिक और शहरी विकास की योजनाएं
उज्जैन में 2028 के सिंहस्थ को भव्य बनाने की तैयारी है। साधु-संतों को आश्रम के लिए स्थायी भूमि दी जाएगी।इंदौर-उज्जैन-देवास-धार और सीहोर-रायसेन-ब्यावरा-राजगढ़ को मिलाकर दो महानगर विकसित होंगे। मुरैना में सोलर प्लस स्टोरेज प्लांट बनेगा। 413 नगरीय निकायों में गीता भवन बनेंगे।







