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ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान पीएम मोदी बोले- “एमपी अजब भी है सबसे गजब भी है, पढ़ें उनके भाषण की खास बातें

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सीमा सिंह शहडोल –     विकसित मध्य प्रदेश से विकसित भारत की यात्रा में आज का यह कार्यक्रम बहुत ही अहम है। ऐसा अवसर पहली बार आया है जब पूरी दुनिया भारत के लिए इतनी ऑप्टिमिस्टिक है।

मध्यप्रदेश को लेकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा संबोधन में कहीं गईं प्रमुख बातें

* विकसित मध्य प्रदेश से विकसित भारत की यात्रा में आज का यह कार्यक्रम बहुत ही अहम है। ऐसा अवसर पहली बार आया है जब पूरी दुनिया भारत के लिए इतनी ऑप्टिमिस्टिक है।

* मध्य प्रदेश जनसंख्या के हिसाब से भारत का 5th largest state है। मध्य प्रदेश कृषि के मामले में भारत के top के राज्यों में है। Minerals के हिसाब से भी मध्य प्रदेश देश के top 5 राज्यों में है।

* मध्य प्रदेश को जीवनदायिनी मां नर्मदा का भी आशीर्वाद प्राप्त है। मध्य प्रदेश में हर वो संभावना है, हर वो potential है जो इस राज्य को GDP के हिसाब से भी देश के top 5 राज्यों में ला सकता है।

* बीते दो दशकों में मध्य प्रदेश ने ट्रांसफॉर्मेशन का नया दौर देखा है। एक समय था जब यहां पर बिजली पानी की बहुत सारी दिक्कतें थीं। लॉ एंड ऑर्डर की तो और ही खराब थी। ऐसे हाल में यहां पर इंडस्ट्री का विकास बहुत मुश्किल था।

* बीते दो दशकों में मध्य प्रदेश के लोगों के सपोर्ट से यहां की भाजपा सरकार ने गवर्नेंस पर फोकस किया। दो दशक पहले तक लोग एमपी में निवेश करने से डरते थे। आज एमपी इन्वेस्टमेंट के लिए देश के सब राज्यों से टॉप के राज्यों में अपना स्थान बना लिया है।

* जिस एमपी में कभी खराब सड़कों के कारण बसें तक नहीं चल पाती थीं वो आज देश की ईवी क्रांति के लीडिंग स्टेट में से एक है।

* जनवरी 2025 तक करीब 2 लाख ईवी एमपी में रजिस्टर्ड हुए। ये करीब 90% ग्रोथ ये दिखाता है कि एमपी आज मैन्युफैक्चरिंग के नए सेक्टर्स के लिए भी शानदार डेस्टिनेशन बनता जा रहा है।

* मैं मोहन जी को बधाई देता हूं उनकी टीम को बधाई देता हूं कि उन्होंने इस वर्ष को “उद्योग और रोजगार वर्ष” के रूप में मनाना तय किया है।

* बीते दशक में भारत ने इन्फ्रास्ट्रक्चर में उछाल का दौर देखा है। इसका बहुत बड़ा फायदा मध्य प्रदेश को मिला है।

* दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे, जो देश के 2 बड़े शहरों को जोड़ रहा है, उसका बड़ा हिस्सा MP से ही होकर गुजर रहा है। यानी एक तरफ MP को मुंबई के ports के लिए तेज कनेक्टिविटी मिल रही है और दूसरी तरफ North India के बाजार को भी ये कनेक्ट कर रहा है।

* आज मध्य प्रदेश में 5 लाख किलोमीटर से अधिक का रोड नेटवर्क है। एमपी के इंडस्ट्रियल कॉरिडोर मॉडर्न एक्सप्रेस-वे से जुड़ रहे हैं।

* एमपी में लॉजिस्टिक से जुड़े सेक्टर की तेज ग्रोथ तय है। साथियों एयर कनेक्टिविटी की बात करें तो यहां ग्वालियर और जबलपुर एयरपोर्ट के टर्मिनल को भी एक्सपेंड किया गया है।

* एमपी का जो एक बड़ा रेल नेटवर्क है उसको भी मॉडर्नाइज किया जा रहा है। एमपी में रेल नेटवर्क का शत-प्रतिशत इलेक्ट्रीफिकेशन किया जा चुका है।

* भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन की तस्वीरे आज भी सब का मन मोह लेती है। इसी तर्ज पर एमपी के 80 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्कीम के तहत मॉडर्न बनाया जा रहा है।

* बीते 10 वर्षों में करीब 70 बिलियन डॉलर यानी 5 ट्रिलियन रुपए से अधिक रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में इन्वेस्ट हुआ है। इससे पिछले साल ही ग्रीन एनर्जी स्पेस में 10 लाख से अधिक की जॉब बनी है। एनर्जी सेक्टर के इस बूम का भी मध्य प्रदेश को बहुत लाभ मिला है।

* आज एमपी पावर सरप्लस है। यहां करीब 31000 मेगावाट पावर जनरेशन कैपेसिटी है, जिसमें से 30% क्लीन एनर्जी है। रीवा सोलर प्लांट देश के सबसे बड़े सोलर पार्क में से एक है।

* अभी कुछ दिन पहले ही ओंकारेश्वर में फ्लोटिंग सोलर प्लांट शुरू है। सरकार द्वारा बीना रिफाइनरी पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर करीब 50 हजार करोड रुपए का इन्वेस्ट किया गया है। यह मध्य प्रदेश को पेट्रोकेमिकल का हब बनाने में मदद करेगा।

* मध्य प्रदेश का जो इंफ्रास्ट्रक्चर है इसको एमपी सरकार आधुनिक पॉलिसीज और स्पेशल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर से सपोर्ट कर रही है।

* एमपी में 300 से ज्यादा इंडस्ट्रियल जोन है। पीथमपुर, रतलाम और देवास में हजारों एकड़ के इन्वेस्टमेंट जोन भी डेवलप किए जा रहे हैं। यानी आप सभी इन्वेस्टर के लिए यहां बेहतर रिटर्न की अपार संभावना है।

* मध्य प्रदेश की खेती, यहां की इंडस्ट्री इसकी बहुत बड़ी बेनिफिशियरी है।

* हाल ही में 45 हजार करोड रुपए केन-बेतवा रिवर इंटरलिंकिंग प्रोजेक्ट पर काम शुरू हुआ है। इससे करीब 10 लाख हेक्टेयर एग्रीकल्चर लैंड की प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी। इससे एमपी मे वाटर मैनेजमेंट को भी नई ताकत मिलेगी।

* ऐसी सुविधाओं से फूड प्रोसेसिंग, एग्रो इंडस्ट्री और टेक्सटाइल सेक्टर में बहुत बड़ा पोटेंशियल अनलॉक होगा। एमपी में डबल इंजन की सरकार बनने के बाद विकास की गति भी जैसे डबल हो गई है।

* आप टेक्सटाइल के सेक्टर को ही देखे तो भारत कॉटन, सिल्क और कोरियेस्टर का दूसरा सबसे बड़ा प्रोड्यूसर है। भारत का टेक्सटाइल सेक्टर करोड़ों लोगों को रोजगार देता है। भारत के पास टेक्सटाइल से जुड़ी एक पूरी ट्रेडिशन भी है और स्किल भी है और एंटरप्रेन्योरशिप भी है और मध्य प्रदेश तो एक प्रकार से भारत की कॉटन कैपिटल है।

* भारत के करीब 25% ऑर्गेनिक कॉटन सप्लाई मध्य प्रदेश से ही होती है।

* मध्य प्रदेश मलबरी सिल्क इसका भी देश का सबसे बड़ा प्रोड्यूसर है। यहां की चंदेरी और महेश्वरी साड़ियां बहुत पसंद की जाती है। इन्हें जीआई टैग दिया जा चुका है। इस सेक्टर में आपका इन्वेस्टमेंट यहां के टेक्सटाइल को ग्लोबली अपनी साख होने में बहुत मदद करेगा।

* आप सभी सरकार की पीएम मित्र स्कीम से भी परिचित है। देश में टेक्सटाइल सेक्टर के लिए ही 7 बड़े टेक्सटाइल पार्क बनाए जा रहे हैं। इनमें से एक मध्य प्रदेश में भी बन रहा है। यह टेक्सटाइल सेक्टर के ग्रोथ को नई बुलंदी देगा।

* मेरा आग्रह है आप टेक्सटाइल सेक्टर के लिए घोषित पीएलआई स्कीम का भी जरूर फायदा उठाएं।

* साथियों, टेक्सटाइल की तरह ही भारत हमे टूरिज्म सेक्टर में भी नए आयाम से जोड़ रहा है। कभी एमपी टूरिज्म का एक कैंपेन होता था। आज “एमपी अजब भी है सबसे गजब भी है।”

* एमपी में नर्मदा जी के आसपास के स्थान का, आदिवासी क्षेत्रों में टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर का बहुत अधिक विकास हुआ है।

* यह इतने सारे नेशनल पार्क है। यहां हेल्थ एंड वैलनेस से जुड़े बिजनेस के लिए अपार संभावनाएं है।

* साथियों आप यहां पर आए हैं तो उज्जैन में महाकाल महालोक देखने जरूर जाएं।

* साथियों मैने लालकिले से कहा है, “यही समय है सही समय है।” आपके लिए एमपी में इन्वेस्टमेंट करने और इन्वेस्टमेंट बढ़ाने का भी यही सही समय है।

Shreya News
Author: Shreya News

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