Madhya pradesh . 17 Jan 2025 . Saniya Ansari
मध्य प्रदेश के मुरैना से अपहृत एक मासूम बच्ची को रेलवे टिकट चेकिंग स्टाफ की सजगता से बचा लिया गया। आरोपी बच्ची को लेकर ग्वालियर से उत्कल एक्सप्रेस में सवार हुआ था। स्टाफ ने टिकट के बारे में पूछा तो पहले बहाने बनाए, फिर भागने की कोशिश की।

मुरैना से बच्ची को अगवा कर ग्वालियर स्टेशन से उत्कल एक्सप्रेस में चढ़े एक युवक को टिकट चेकिंग स्टाफ ने संदेह होने पर पकड़ लिया। युवक से जब बच्ची के संबंध में पूछताछ की गई, तो वह बहानेबाजी करने लगा।
इसके अलावा बच्ची को कोच में ही छोड़कर भागने का प्रयास किया। इससे स्टाफ का संदेह और मजबूत हो गया। इसके बाद युवक को पकड़कर झांसी में जीआरपी के हवाले किया गया।
पूछताछ में युवक ने स्वीकार किया है कि वह मुरैना से बच्ची का अपहरण कर लाया था। टिकट चेकिंग स्टाफ की सक्रियता को देखते हुए रेलवे अधिकारियों ने उन्हें सम्मानित करने की घोषणा की है।
हड़बड़ी में ट्रेन में चढ़ा, तो हुआ शक
- ऋषिकेश से पुरी जा रही ट्रेन क्रमांक 18478 उत्कल एक्सप्रेस में मुख्य टिकट निरीक्षक राजीव कुमार मिश्रा अपने साथी पुनीत कुमार के साथ ड्यूटी कर रहे थे। ग्वालियर स्टेशन पर जब ट्रेन रुकी, तो चेकिंग स्टाफ प्लेटफार्म पर खड़ा हो गया।
- इसी बीच उनकी नजर एक युवक पर पड़ी जो जल्दबाजी में एक बच्ची को गोदी में लेकर एस-5 कोच में सवार हो गया। ट्रेन के चलने पर स्टाफ ने युवक के पास पहुंचकर टिकट मांगा, लेकिन वह नहीं दिखा सका।
- शक होने पर जब उससे पूछताछ की, तो वह बच्ची को छोड़कर भागने लगा। युवक के भागते ही कोच में हल्ला मच गया। टिकट चैकिंग स्टाफ ने पीछा कर उसे दबोच लिया। मुख्य टिकट निरीक्षक ने इसकी जानकारी रेलवे कंट्रोल को दी।
- ट्रेन जब झांसी पहुंची, तो जीआरपी व आरपीएफ के जवानों ने युवक को पकड़ लिया। पूछताछ में युवक ने अपना नाम मुरैना के जारौनी गांव निवासी कल्लू बताया। उसने स्वीकार किया है कि वह बच्ची को उठाकर ले जा रहा था।
बच्ची के पिता का परिचित है आरोपी
बच्ची के पिता का नाम शंकर है। वह उनको जानता है। पता चला है कि वह मुरैना में काम करता है। उसके साथ शंकर भी काम कर रहा था, तभी वह उसकी बच्ची को उठाकर ले आया। जीआरपी ने कल्लू से शंकर की जानकारी जुटाने के बाद मोबाइल फोन पर संपर्क कर सूचना दे दी।







