सीमा सिंह ,शहडोल – शहडोल जिले में जंगली जानवरों की बढ़ती आवाजाही से 60 से अधिक गांव प्रभावित हो रहे हैं। बाघ और भालू के लगातार दिख रहे मूवमेंट से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। हाल ही में अंतरा के पास एक ग्रामीण की बाघ द्वारा मौत के बाद, अब जैतपुर वनपरिक्षेत्र के ग्राम देवरी में भालुओ की दस्तक ने चिंता बढ़ा दी है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसईसीएल के बंगवार खदान प्रबंधन ने कर्मचारियों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। सेकण्ड और नाइट शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों को सलाह दी गई है की वे रत में अकेले न निकले और समूह में ही अवाजाही करे। बंगवार माईनस का जंगल से सटा होना स्थिति को और सवेदनशील बनाता है। देवरी में बीती रात दो भालुओ की मौजूदगी से स्थनीय लोगो में भय का माहौल पैदा कर दिया। रिलायंस कम्पनी के वेल में तैनात सुरक्षा कर्मियों ने भालुओ को देखा,जिन्हे देखकर उन्हें वहां में सरन लेनी पड़ी। जैतपुर रेंजर राहुल सिकरवार के अनुसार,यह क्षेत्र भालुओ के स्थाई मूवमेंट का हिस्सा है। वन विभाग ने ग्रामीणों से जंगल की ओर न जाने और सतर्क रहने की अपील की है । जंगली जानवरो की इस आवाजाही से न केवल लोगो की सुरक्षा खतरे में है, बल्कि किसानो की खेती भी प्रभावित हो रही है वन विभाग स्थिति पर नजर बनाये हुए है और आवश्यक कदम उठा रहा है।







