Bihar . 17 Dec 2024 . Saniya Ansari
गोपालपुर थानाध्यक्ष राजन कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह मवेशियों के लिए जलाए गए अलाव को माना जा रहा है। परिजनों के बयान के आधार पर FIR दर्ज कर मामले की जांच की जाएगी। वहीं, कुछ ग्रामीण इसे संदिग्ध मान रहे हैं।
पश्चिम चंपारण जिले बेतिया में अचानक आग लगने की घटना में मां और बेटी की झुलसकर मौत हो गई, जबकि पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना गोपालपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत डकही गांव की है। इस हादसे में परिवार ने न केवल दो जिंदगियां खो दीं, बल्कि लाखों की संपत्ति का नुकसान भी हुआ है। घटना के बाद गांव में मातम छा गया है और परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
सोते समय अलाव से लगी आग, परिवार तबाह
जानकारी के मुताबिक, घटना सोमवार देर रात की है। दरअसल, डकही गांव निवासी बद्री राम अपने परिवार के साथ घर में सो रहे थे। ठंड से बचने के लिए मवेशियों के पास जलाए गए अलाव से आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि परिवार को संभलने का मौका ही नहीं मिला। बद्री राम की पत्नी सुगांती देवी (38) और बेटी खुशबू कुमारी (15) आग की चपेट में आ गईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जबकि परिवार को बचाने की कोशिश में बद्री राम भी गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें तुरंत गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल (GMCH) के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
घटना के बाद परिवार और गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। बद्री राम के बड़े भाई संजय राम ने बताया कि बद्री खेती और पंचायत में स्वच्छाग्रही के तौर पर काम करते हैं। मृतक सुगांती देवी और खुशबू कुमारी के अलावा बद्री राम के दो बेटे भी हैं। हादसे ने पूरे परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। उन्होंने बताया कि आग लगने की घटना में घर और सामान जलकर राख हो गए। अनुमान है कि परिवार को करीब पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है। आग ने परिवार के आर्थिक आधार को भी हिला दिया है।
पुलिस जांच में जुटी, FIR दर्ज होगी
घटना की सूचना मिलने पर गोपालपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया। गोपालपुर थानाध्यक्ष राजन कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह मवेशियों के लिए जलाए गए अलाव को माना जा रहा है। परिजनों के बयान के आधार पर FIR दर्ज कर मामले की जांच की जाएगी।
गांव में फैली अफवाहें
घटना के बाद गांव में लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। कुछ इसे हादसा मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे संदिग्ध मानकर सवाल उठा रहे हैं। पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। इस घटना ने न केवल परिवार, बल्कि पूरे गांव को हिला दिया है। लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को ठोस कदम उठाने चाहिए। मवेशियों के पास अलाव जलाने की परंपरा को लेकर जागरूकता अभियान चलाने की भी मांग उठ रही है, ताकि ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।







