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Health: एशियाई देशों में अकेले इस बीमारी के कारण हर साल हो रही हैं करीब पांच लाख मौतें, WHO चिंतित..

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Health . 27 Nov 2024 . Saniya Ansari

भारत सहित दक्षिण पूर्व एशिया में हर साल 482,000 से अधिक मौतें मधुमेह के कारण हो रही हैं।  विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने एक रिपोर्ट में इसको लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है।

 

What is Global Public Health?
दुनियाभर में जिन बीमारियों के कारण हर साल स्वास्थ्य क्षेत्र पर दबाव बढ़ता जा रहा है, डायबिटीज और हृदय रोग उनमें शीर्ष पर हैं। मंगलावर (26 नवंबर) को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने एक रिपोर्ट में डायबिटीज और इसके कारण होने वाली मौतों को लेकर चिंता जाहिर की है। स्वास्थ्य संगठन ने कहा, भारत सहित दक्षिण पूर्व एशिया में हर साल 482,000 से अधिक मौतें मधुमेह के कारण हो रही हैं। वैसे तो दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र के देशों ने डायबिटीज के प्रबंधन की दिशा में बेहतर काम किया है, हालांकि रोकथाम को बढ़ावा देने और इस रोग को नियंत्रित करने के लिए अभी भी बेहतर कदम उठाने की आवश्यकता है।
मधुमेह और इसके जोखिमों को लेकर आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्व एशिया की क्षेत्रीय निदेशक साइमा वाजेद ने कहा, डायबिटीज के कारण होने वाली जटिलताओं की रोकथाम के लिए रोगियों तक इलाज की समय पर पहुंच सुनिश्चित करना बहुत आवश्यक है। डायबिटीज का निदान और इलाज व्यापक, सुलभ और सस्ता करके इस गंभीर बीमारी के बढ़ते जोखिमों को रोका जा सकता है।

विशेषज्ञों ने कहा, ये बीमारी अब हर उम्र के लोगों में देखी जा रही है इसलिए सभी लोगों को सावधान रहना और इससे बचाव के लिए प्रयास करते रहना जरूरी है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि इस साल जून तक, 60 मिलियन (छह करोड़) से ज्यादा लोगों को मधुमेह और उच्च रक्तचाप के लिए प्रोटोकॉल-आधारित प्रबंधन पर रखा गया है। साल 2025 तक इसके 100 मिलियन (10 करोड़) तक पहुंचने की आशंका है। इसके अलावा टाइप-1 डायबिटीज के मामले भी काफी तेजी से बढ़ रहे है। इससे पीड़ित 2.60 लाख से ज्यादा बच्चों और किशोरों को इलाज और निदान से संबंधित कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

इस क्षेत्र में युवा लोगों में टाइप-2 डायबिटीज के कारण भी स्वास्थ्य क्षेत्र पर अधिक दबाव देखा जा रहा है, जोकि गंभीर चिंता बढ़ाने वाली है।

Shreya News
Author: Shreya News

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