Panjab . 17 Oct 2024 . Saniya Ansari
Stubble Burning: बीते मंगलवार को शाम के समय पंजाब मुक्तसर जिले में गिद्दरबाहा और केथल में केथल-करनाल रोड के पास नरार गांव के खेत में पराली जलाने की घटनाएं सामने आईं है. जहां पर एक किसान लखबीर सिंह ने सरकार की प्रतिक्रिया की आलोचना करते हुए कहा कि मुझे धान की कटाई किए 10 दिन हो गए हैं.
Pollution: बीते मंगलवार को शाम के समय पंजाब मुक्तसर जिले में गिद्दरबाहा और केथल में केथल-करनाल रोड के पास नरार गांव के खेत में पराली जलाने की घटनाएं सामने आईं है. जहां पर एक किसान लखबीर सिंह ने सरकार की प्रतिक्रिया की आलोचना करते हुए कहा कि मुझे धान की कटाई किए 10 दिन हो गए हैं. सरकार अपने सभी फैसलों में विफल रही है. उचित व्यवस्था की जानी चाहिए.

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अनुसार, पंजाब और हरियाणा में 15 सितंबर से 9 अक्टूबर, 2024 के बीच क्रमश कुल 267 और 187 धान अवशेष जलाने की घटनाएं दर्ज की गईं. वहीं एनसीआर और उसके आसपास के इलाकों में वायु की गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने पंजाब और हरियाणा के हॉटस्पॉट जिलों में 26 केंद्रीय टीमों को तैनात कर दिया है, ताकि वह जिला स्तर के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर सकें. वहीं निरंतर निगरानी और समन्वय केलिए चंडीगढ़ में एक समर्पित सेल की स्थापना की गई है.
राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने निर्देश दिया गया है कि वे फसल कटाई के मौसम में पराली जलाने पर नियंत्रण के लिए सतर्क रहें. दिल्ली में पराली जलाना एक बढ़ती हुई चिंता का विषय है, क्योंकि सर्दियों के मौसम में वायु प्रदूषण बढ़ जाता है, जिससे वायु की गुणवत्ता खतरनाक हो जाती है और घना धुआं छा जाता है. पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने से प्रदूषण काफी बढ़ जाता है, जिससे निवासियों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा होता है.







