श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- आवारा मवेशियों के लिए गौशाला की मांग को लेकर प्रदर्शन करना भाजपा नेता समेत अन्य लोगों को भारी पड़ गया। तहसीलदार की शिकायत पर पुलिस ने पशु क्रूरता और यातायात बाधित करने समेत धाराओं में मामला दर्ज किया है।
जिले के ब्यौहारी क्षेत्र में आवारा मवेशियों की समस्या और गौशाला (कांजी हाउस) निर्माण की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन करना भाजपा नेता एवं जिला पंचायत सदस्य दुर्गेश तिवारी समेत अन्य लोगों को महंगा पड़ गया। देवलोंद पुलिस ने तहसीलदार की शिकायत पर उनके खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम, यातायात बाधित करने समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है।
इसी समस्या को लेकर कांजी हाउस निर्माण की मांग उठाते हुए भाजपा नेता एवं जिला पंचायत सदस्य दुर्गेश तिवारी की अगुवाई में ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में मवेशियों को हांककर लोग ब्यौहारी तहसील का घेराव करने के लिए निकल पड़े।मवेशियों की संख्या अधिक होने के कारण सड़क पर भीड़ की स्थिति बन गई और यातायात भी प्रभावित हुआ।
पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को रास्ते में रोकने का प्रयास किया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य और अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के दौरान सड़क पर बड़ी संख्या में मवेशियों को लाए जाने से आम रास्ता और यातायात बाधित हुआ। पुलिस का यह भी कहना है कि इस दौरान कुछ मवेशी बेहोश भी हो गए थे।
घटना के बाद ब्यौहारी तहसीलदार गैलेक्सी नागपुरे ने देवलोंद थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जिला पंचायत सदस्य दुर्गेश तिवारी समेत अन्य लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वहीं प्रदर्शन से जुड़े लोगों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसानों की समस्या को प्रशासन तक पहुंचाना और आवारा मवेशियों के लिए स्थायी व्यवस्था की मांग करना था। उनका कहना है कि क्षेत्र में कांजी हाउस या गौशाला बनने से किसानों को आवारा मवेशियों से होने वाले फसल नुकसान से राहत मिल सकती है।












