श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोल के सोहागपुर थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार ट्रेलर ने सड़क पर बैठे पांच गौवंशों को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया, जबकि स्थानीय लोगों ने पुलिस और यातायात विभाग की देर से कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
सड़क हादसों में बेजुबान गौवंशों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला सोहागपुर थाना क्षेत्र का है, जहां भारत पेट्रोल पंप के सामने बुधवार देर रात एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने सड़क पर बैठे पांच गौवंशों को कुचल दिया। हादसे में सभी गौवंशों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दो मवेशी ट्रेलर के पहियों के नीचे फंस गए, जिससे चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेलर बुढार से शहडोल की ओर जा रहा था। हादसे के बाद वाहन घटनास्थल पर ही खड़ा रह गया, जबकि उसके आगे और पीछे पांच मवेशियों के शव पड़े रहे। स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना के कई घंटे बाद तक न तो पुलिस मौके पर पहुंची और न ही यातायात विभाग की टीम ने वाहन हटाने या यातायात सामान्य कराने की कोई कार्रवाई की।
ग्रामीणों का कहना है कि भारत पेट्रोल पंप के सामने अक्सर भारी वाहनों की कतार लगी रहती है। दूसरी ओर सड़क पर गौवंशों का बैठना आम बात है। ऐसे में यह स्थान लगातार हादसों का कारण बन रहा है। लोगों का आरोप है कि पेट्रोल पंप के सामने सड़क किनारे दिन-रात खड़े रहने वाले वाहनों को हटाने के लिए यातायात विभाग ने आज तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक इसी स्थान पर पहले भी कई सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें लोगों की जान तक जा चुकी है। इसके बावजूद न तो अवैध पार्किंग पर रोक लगाई गई और न ही गौवंशों को सड़क से हटाने के लिए कोई स्थायी व्यवस्था की गई।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि हादसे की जांच कर ट्रेलर चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही पेट्रोल पंप के सामने अवैध रूप से खड़े वाहनों पर सख्ती और गौवंशों को सड़क से हटाने के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों की पुनरावृत्ति न हो। वहीं, थाना प्रभारी सोहागपुर आर पी रावत ने कहा जानकारी मिली है, हम दिखवाते हैं।
खैर उपेक्षित गौवंशों को ऐसी दुर्घटनाओं के बचाने के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। जिससे आए दिन सड़कों पर बैठे गौवंशों की असमय मौत की खबरें आती रहती हैं। सरकार और समाज के लिए यह गंभीर चिंता का विषय है। बचाव के लिए समुचित प्रयास की आवश्यकता है।











