SUBSCRIBE NOW

Home » अपराध » MP में दुल्हनों का सौदा : दलालों पर भरोसा करके शादी के कुछ ही दिनों बाद ही टूट रहे रिश्ते

MP में दुल्हनों का सौदा : दलालों पर भरोसा करके शादी के कुछ ही दिनों बाद ही टूट रहे रिश्ते

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

श्रेया न्यूज़ शहडोल द्रोपती धुर्वे :-   रतलाम। रतलाम जिले में बिहार की 23 वर्षीय नवविवाहिता संध्या कुमारी की संदिग्ध मौत ने दलालों के माध्यम से कराए जा रहे अंतरराज्यीय विवाहों के नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच में विवाह के लिए 2.60 लाख रुपये के भुगतान और बिचौलियों की भूमिका सामने आने के बाद मामला केवल एक संदिग्ध मौत तक सीमित नहीं रह गया है।

इस घटना ने मालवा-निमाड़ में वर्षों से चल रहे उस विवाह तंत्र को भी चर्चा में ला दिया है, जिसमें दूसरे राज्यों की युवतियों का विवाह स्थानीय युवकों से बिचौलियों के जरिए कराया जाता है। जून में पिपलौदा के सुखेड़ा और सरवन क्षेत्र के दो युवकों की शादी उत्तर प्रदेश की युवतियों से कराई गई, लेकिन दोनों दुल्हनें एक माह के भीतर ही घर छोड़कर चली गईं। इसके बाद पीड़ित परिवारों ने धोखाधड़ी और ठगी के मामले दर्ज कराए।

दूसरे राज्यों में विवाह का चलन बढ़ा

रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खरगोन और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कई वर्षों से बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और झारखंड जैसे राज्यों की युवतियों से विवाह कराने का चलन बढ़ा है। अधिकांश मामलों में वर-वधु पक्ष पहले से एक-दूसरे को जानते तक नहीं हैं। पूरा संपर्क स्थानीय और अंतरराज्यीय दलालों के माध्यम से होता है।

दूल्हा पक्ष से लेते हैं रुपये

दूल्हा पक्ष से ढाई से पांच लाख रुपये, कई मामलों में इससे अधिक राशि ली जाती है। इस रकम का बड़ा हिस्सा बिचौलियों के बीच बंट जाता है, जबकि युवती के परिवार तक अपेक्षाकृत कम राशि पहुंचती है। इन विवाहों में सबसे बड़ी समस्या पहचान और दस्तावेजों के समुचित सत्यापन का अभाव है। कई बार विवाह मंदिरों, धर्मशालाओं या होटलों में करा दिए जाते हैं और उनका विधिवत पंजीयन भी नहीं कराया जाता।

युवती के वास्तविक स्वजन, स्थायी पते और पहचान की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं होती। विवाद की स्थिति में पीड़ित परिवार के लिए युवती या उसके वास्तविक परिवार तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। पुलिस रिकार्ड में ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिनमें विवाह के कुछ दिन या सप्ताह बाद ही दुल्हन के नकदी और जेवर लेकर चले जाने की शिकायतें दर्ज हुई हैं। विवाह कराने वाले दलालों ने लाखों रुपये लेने के बाद संपर्क समाप्त कर दिया।

मानव तस्करी के पहलुओं की जांच जरूरी

शासकीय अधिवक्ता संजीव सिंह चौहान के अनुसार हर अंतरराज्यीय विवाह मानव तस्करी का मामला नहीं होता, लेकिन बिना सत्यापन और बिचौलियों के माध्यम से होने वाले ऐसे विवाह संगठित अपराधी नेटवर्क के लिए अवसर बन सकते हैं।

यदि किसी युवती को झूठे वादों, धोखे या आर्थिक मजबूरी का फायदा उठाकर दूसरे राज्य लाया गया हो, उसकी पहचान छिपाई गई हो या उसके बदले आर्थिक लेन-देन हुआ हो, तो ऐसे मामलों में मानव तस्करी के पहलुओं की भी जांच आवश्यक हो जाती है। रतलाम के मामले में भी संध्या कुमारी के स्वजनों से पुलिस संपर्क नहीं कर सकी है और बिचौलिए फरार है।

दूसरे राज्यों की पुलिस का सहयोग लिया जा रहा है
शादी के नाम पर ठगी करने वाले दलालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। ऐसे मामलों में अंतरराज्यीय पुलिस का सहयोग लिया जा रहा है। हाल ही में हुए मामलों की जांच जारी है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर कड़ी कार्रवाई होगी। – निमिष अग्रवाल, डीआईजी रतलाम रेंज।
Shreya News
Author: Shreya News

Leave a Comment

READ MORE

READ MORE

Join Us