श्रेया न्यूज़ शहडोल द्रोपती धुर्वे :- रतलाम। सोनार बावड़ी में पत्नी रुकैया की नृशंस हत्या के मामले में सोमवार को आरोपित असगर अली को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। उधर पोस्टमार्टम के बाद रविवार देर रात रुकैया का शव सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि वारदात से पहले असगर अली पत्नी को लांग ड्राइव पर चलने के लिए कह रहा था।
इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। आरोपित का कहना है कि गुस्से में उसे होश नहीं रहा और उसने वारदात कर दी। हालांकि पुलिस इस बयान की अन्य साक्ष्यों के आधार पर भी पुष्टि कर रही है। पुलिस हिरासत के दौरान आरोपित असगर का व्यवहार भी सामान्य नहीं दिखा। पूछताछ के दौरान वह लगातार दीवार को एकटक घूरता रहा। उसने पूरी रात आंख नहीं मूंदी और काफी समझाने के बाद केवल आधी रोटी ही खाई।
मुझे रुकैया से मिला दो
वह बार-बार केवल एक ही बात दोहराता रहा मुझे रुकैया से मिला दो और रोता रहा। पूछताछ में वह यह भी कहता रहा कि पहले उसकी तबीयत खराब हो गई थी, वह बाबा, दरगाह और अन्य धार्मिक स्थलों पर गया था तथा वर्तमान में उसका दिमागी इलाज चल रहा था। स्वजन असगर के मानसिक रूप से अस्वस्थ होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन अब तक उपचार संबंधी कोई चिकित्सीय दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। ऐसे में मानसिक बीमारी के दावे की भी जांच की जा रही है।
रुकैया की हत्या की बर्बरता और उसके बाद आरोपित पति के व्यवहार ने पुलिस के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्यों, गवाहों के बयान और पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।











