श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- सिवनी। एक युवक को खेत में ले जाकर निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटने और उसके जख्मों पर नमक-मिर्ची लगाने का अमानवीय वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने बुधवार को सख्त कार्रवाई की है।
पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी ने बताया कि मामले में संज्ञान लेकर वारदात में शामिल 11 आरोपितों को चिह्नित कर 8 लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया गया है। पीड़ित युवक की पहचान कान्हीवाड़ा थाना क्षेत्र निवासी सोहेल खान के रूप में हुई है।
उसकी शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपहरण, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने जैसी गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। वायरल वीडियो 8-9 जून के आसपास का बताया जा रहा है, जिसकी पुलिस तकनीकी जांच भी करा रही है।
युवती ने सोहेल के खिलाफ की शिकायत
- इस मामले में पुलिस की कार्रवाई शुरू होते ही एक नया मोड़ भी सामने आया। बुधवार को एक युवती ने एसपी कार्यालय पहुंचकर पीड़ित युवक पर धर्मांतरण कर निकाह का दबाव बनाने और धमकी देने का आरोप लगाते हुए आवेदन दिया है।
- हालांकि पुलिस का कहना है कि इस अपहरण व मारपीट मामले में युवती का भाई व परिजन मुख्य आरोपी हैं, इसलिए यह शिकायत रंजिश या पुलिस कार्रवाई से बचने की नीयत से भी की जा सकती है।
- फिलहाल पुलिस ने धर्मांतरण की शिकायत पर कोई एफआइआर दर्ज नहीं की है और आवेदन को विस्तृत जांच के दायरे में रखा है। तथ्यों की पुष्टि होने के बाद ही इस दिशा में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने की 11 आरोपितों की पहचान
- कोतवाली पुलिस ने युवक की निर्दयतापूर्वक पिटाई का वीडियो सामने आने के बाद वारदात में शामिल 11 आरोपितों की पहचान की गई। इस मामले में पुलिस ने बुधवार देर शाम तक आठ आरोपितों को हिरासत में ले लिया है। अन्य तीन आरोपितों की तलाश जारी है।
- जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया में खेत में निर्वस्त्र कर एक युवक की बेरहमी से पिटाई का वीडियो इंटरनेट मीडिया में तेजी से बायरल होने पर पुलिस ने मामले में संज्ञान लिया। इस वीडियो में एक युवक की पिटाई करते हुए कुछ लोग उसके जख्मों में नमक और लाल मिर्ची का लेप लगाने के बाद पानी से नहलाते दिख रहे हैं।
- बुधवार को नागपुर से वापस लौटकर पीड़ित युवक ने अपनी शिकायत दर्ज कराई जा रही है, जिस पर एफआइआर दर्ज कर विस्तृत जांच की जाएगी।
आरोपियों पर बढ़ सकती हैं धाराएं
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वायरल वीडियो की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है, जिससे घटना की वास्तविक परिस्थितियों और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके। अगर, वीडियो बनाने, वायरल करने या पीड़ित की गरिमा को ठेस पहुंचाने के साक्ष्य मिलते हैं, तो संबंधित धाराएं भी बढ़ाई जाएगी।







