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मौत हार गई, डॉक्टर जीत गए! 300 सेकंड का वो राज, जिसने खुशबू को नहीं दिया मरने

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श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :-  उमरिया जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर हुए भीषण सड़क हादसे में एक अर्टिगा कार सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई, जिससे ग्राम सरपंच कुलपत सिंह, उनकी पत्नी एवं मध्य प्रदेश पुलिस की हेड कॉन्स्टेबल सविता सिंह मार्को, उनके तीन वर्षीय पुत्र रुद्र प्रताप और प्रियंका सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।
उमरिया जिले में गुरुवार तड़के हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां पलभर में छीन लीं। राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर कार के ट्रक से टकराने से चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवती की सांसें भी अस्पताल पहुंचने तक थम चुकी थीं। लेकिन जिला अस्पताल के डॉक्टरों की पांच मिनट की अथक कोशिशों, सीपीआर और ऑक्सीजन सपोर्ट की बदौलत उसकी सांसें फिर लौट आईं। गंभीर हालत में युवती को बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रेफर किया गया है।

सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकराई कार

यह हादसा गुरुवार तड़के कोतवाली थाना क्षेत्र की सिविल लाइन चौकी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर भरौला स्थित सिद्ध बाबा क्षेत्र में हुआ। अनूपपुर जिले के लीला गांव से चित्रकूट जा रही एक अर्टिगा कार सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

अस्पताल पहुंचते ही थम चुकी थीं युवती की सांसें

कोतवाली थाना प्रभारी मदन लाल मरावी ने बताया कि हादसे में घायल खुशबू मार्को की हालत बेहद गंभीर थी। जब उसे जिला अस्पताल लाया गया, तब उसकी सांसें बंद हो चुकी थीं। डॉक्टरों की टीम ने बिना समय गंवाए करीब पांच मिनट तक लगातार सीपीआर दिया और अन्य जरूरी चिकित्सीय प्रक्रियाएं शुरू कीं। ऑक्सीजन सपोर्ट देने के बाद खुशबू की सांसें दोबारा चलने लगीं। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रेफर कर दिया गया। फिलहाल उसका इलाज वहीं जारी है।

हादसे में सरपंच, हेड कॉन्स्टेबल समेत चार लोगों की मौत

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आलोक शर्मा ने बताया कि हादसे में ग्राम सरपंच कुलपत सिंह (37), उनकी पत्नी एवं मध्य प्रदेश पुलिस में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल सविता सिंह मार्को (32), उनका तीन वर्षीय पुत्र रुद्र प्रताप और परिवार की सदस्य प्रियंका सिंह (24) की मौत हो गई।

परीक्षा दिलाने जा रहा था पूरा परिवार

जानकारी के अनुसार, खुशबू की चित्रकूट में परीक्षा थी। उसे परीक्षा दिलाने के लिए पूरा परिवार देर रात कार से रवाना हुआ था। लेकिन उमरिया पहुंचते ही यह सफर दर्दनाक हादसे में बदल गया। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि तेज रफ्तार के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, जिससे कार सीधे सड़क किनारे खड़े ट्रक में जा घुसी।

पुलिस ने शुरू की हादसे की जांच

हादसे की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस और सिविल लाइन चौकी पुलिस मौके पर पहुंच गई। दुर्घटनाग्रस्त कार में फंसे सभी लोगों को बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने चारों शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया है। साथ ही दुर्घटना के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है।

मातम के बीच डॉक्टरों की कोशिश बनी उम्मीद की किरण

इस दर्दनाक हादसे ने एक ही परिवार की खुशियां पलभर में उजाड़ दीं। चार लोगों की मौत से गांव में शोक का माहौल है। वहीं दूसरी ओर जिला अस्पताल के डॉक्टरों की तत्परता और पांच मिनट की लगातार कोशिशों से खुशबू मार्को की सांसें लौट आना इस दुखद घटना के बीच उम्मीद की एक बड़ी किरण बनकर सामने आया है।

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Author: Shreya News

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