श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोल। बरसात के शुरू होते ही सांपों का बिलों से निकलने का सिलसिला शुरू हो गया है। जिला अस्पताल में अब सर्पदंश के मामले आना शुरू हो गए हैं। शहडोल वैसे भी जंगली जीव जंतुओं के लिए जाना जाता है। यहां पर सर्प भी अधिक संख्या में पाए जाते हैं।
सबसे ज्यादा सर्पदंश की घटनाएं
ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा सर्पदंश की घटनाएं सामने आती हैं। पिछले पांच सालों की अगर बात करें तो सर्पदंश से 30 लोगों की मौत जिला अस्पताल में इलाज के दौरान हो चुकी है।हर साल जिले में बड़ी संख्या में लोग सर्पदंश का शिकार होते हैं। इनमें से अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में घटनाएं होती हैं।
झाड़ फूंक या देसी उपचार की बजाय मरीज को अस्पताल पहुंचाएं
घर के आसपास व बाड़े में पर्याप्त रोशनी का प्रबंध करें, क्योंकि वर्षा शुरू होते ही उमस से सांप बाहर निकलने लगे हैं। झाड़ फूंक या देसी उपचार की बजाय मरीज को अस्पताल पहुंचाना बहुत जरूरी होता है क्योंकि पहला एक घंटा जीवन रक्षक होता है।







