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Shahdol News : शहडोल संभाग का वन अमला वन्य प्राणियों की प्यास बुझाने में नकारा साबित हो रहा है।
शहडोल. 25 may 2024. 09:50am. padma mishra

शहडोल । मई माह की चिलचिलाती गर्मी में प्यास से व्याकुल तीन चीतल संभागीय मुख्यालय के शहरी इलाके में घुस आए, जिन्हें आवारा कुत्तों ने नोंचकर मार डाला। लगातार घट रहीं इन घटनाओं के बाद भी वन विभाग ध्यान नहीं रहा है। विभागीय अधिकारी वन्य प्राणियों के लिये पानी की व्यवस्था कराने में भी किसी प्रकार की रुचि नहीं ले रहे हैं। इस तरह पानी की तलाश में रिहायसी क्षेत्रों में चीतल घुसे और उनकी जान चली गई।
केस नंबर-1
मई माह के प्रथम सप्ताह में एक चीतल पुरानी बस्ती शहडोल के रिहायशी इलाके मे रात को जंगल से आकर शहरी क्षेत्र में पानी की तलाश में भटक रहा था, जिस पर आवारा कुत्तों की नजर पड़ गई। कुछ समय बाद ही कुत्तों ने चारों ओर से घेर कर उसे नोंचकर मार डाला।
केस नंबर-2
मई माह के तीसरे सप्ताह यानि कि दो दिन पूर्व कोतवाली के ठीक पीछे स्थित विद्युत मंंडल शहडोल की कालोनी में कल्याणपुर की सीमा से लगे वन क्षेत्र से एक चीतल पानी की तलाश में घुस आया, जिस पर आवारा कुत्तों की नजर पड़ गई और नोंचकर मार डाला।
केस नंबर-3
इसी माह बुधवार – गुरुवार की दरम्यानी रात पानी के लिए स्टेडियम के सामने स्थित आदिवासी बालक छात्रावास के समीप एक चीतल आ गया। आवारा कुत्तों की नजर पड़ गई और इस मादा चीतल को कुत्तों ने नोंचकर मार डाला। जिसकी जानकारी गुरुवार की सुबह शहर वासियों को लगी। बाद में वन अमला मौके पर पहुंचा और विभागीय कार्रवाई की
वन विभाग नहीं हो रहा पानी-पानी
एक ओर केंद्र एवं प्रदेश सरकार जंगली जानवरों की प्यास बुझाने के लिए पानी के वास्ते पानी की तरह ही पैसा बहा रही है। वहीं दूसरी ओर शहडोल संभाग का वन अमला वन्य प्राणियों की प्यास बुझाने में नकारा साबित हो रहा है।मई माह में दिनों दिन तापमान बढ़ता ही जा रहा है। संभाग के जंगलों मे पानी का बंदोबस्त न के बराबर है। ऐसी स्थिति में जंगलों में स्वछंद विचरण करने वाले जानवर शहरी क्षेत्र में निरंतर घुस रहे हैं जो आवारा कुत्तों का शिकार हो रहे हैं।







