श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- जबलपुर। जेठी हास्पिटल में भर्ती नवजात बच्ची को डिस्चार्ज के समय उसके स्वजन को सौंपने के बजाय किसी दूसरे परिवार का बच्चा दे दिया गया। मामला खुलने के बाद अस्पताल में हंगामा मच गया और काफी तलाश के बाद नवजात बच्ची दूसरे अस्पताल में मिली। इस बीच स्वजन एसपी कार्यालय रविवार की शाम पहुंचे थे और मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए जांच की मांग की है।
डिस्चार्ज के समय खुला मामला
अधारताल निवासी शकीर सिद्दीकी ने बताया कि उनकी पत्नी ने 21 मई को एक बच्ची को जन्म दिया था। जन्म के बाद बच्ची की हालत गंभीर होने के कारण उसे उपचार के लिए जेठी हास्पिटल में भर्ती कराया गया था। नवजात बच्ची अस्पताल में विशेष निगरानी में उपचाररत थी।
परिवार संदेह हुआ तो अस्पताल कर्मियों से सवाल किए
शनिवार को बच्ची को डिस्चार्ज कराने स्वजन अस्पताल पहुंचे तो अस्पताल प्रबंधन ने पहले उपचार का पूरा भुगतान जमा कराया। इसके बाद उन्हें एक नवजात शिशु सौंप दिया। परिवार संदेह हुआ तो उन्होंने अस्पताल कर्मियों से सवाल किए। जांच करने पर पता चला कि उन्हें उनकी बच्ची की जगह किसी अन्य परिवार का नवजात लड़का सौंप दिया गया है। इसके बाद अस्पताल परिसर में हंगामा मच गया।
सीसीटीवी फुटेज के बाद बच्ची जेके हास्पिटल में मिली
स्वजन के दबाव बनाने पर अस्पताल प्रबंधन ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की। फुटेज में एक महिला नवजात बच्ची को लेकर अस्पताल से बाहर जाती दिखाई दी। इसके बाद अस्पताल प्रशासन और परिजन बच्ची की तलाश में जुट गए। खोजबीन के बाद नवजात बच्ची जेके हॉस्पिटल में मिली, जहां उसे किसी अन्य परिवार के साथ पहुंचा दिया गया था।
आरोपों के घेरे में निजी अस्पताल, जांच की मांग
पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से इस गंभीर मामले में जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। परिवार का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन ने यह कहकर मामले को खत्म करने की कोशिश की कि बच्ची मिल गई है, इसलिए अब कोई समस्या नहीं है। पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।







