श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- रतलाम। आलोट के समीप गत दिनों राजधानी एक्सप्रेस के एसी कोच में आग लगने की घटना के बाद रेलवे ने सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। इसके चलते पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के नागदा–पिपलोदा बागला सेक्शन में गुरुवार-शुक्रवार रात व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित कर दुर्घटना राहत एवं बचाव तंत्र की तैयारियों को परखा गया। अभ्यास में रेलवे अधिकारियों, मेडिकल टीम, पुलिस और एम्बुलेंस सेवाओं ने संयुक्त रूप से हिस्सा लेकर आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई का प्रदर्शन किया।
रेलमंडल जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि बीसीएनई लोको क्रमांक 31083 समपार फाटक क्रमांक-3 से गुजरते समय चारा से भरे एक मिनी ट्रक से टकरा गया, जिसमें ट्रक में सवार 5 मजदूर घायल हो गए। दुर्घटना की सूचना लोको पायलट द्वारा रात 00:16 बजे टीएलसी को दी गई, जिसके पश्चात 00:18 बजे डिप्टी पंक्चुअलिटी को सूचना दी की गई। इसके तुरंत बाद 00:19 बजे कंट्रोल कार्यालय में कामन बेल बजाई गई तथा 00:20 बजे हूटर बजाकर आपदा प्रबंधन तंत्र को सक्रिय किया गया।
सेल्फ प्रोपेल्ड एक्सीडेंट रिलीफ मेडिकल वैन में वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी डीएम सिंह, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर भजनलाल मीणा, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक (गुड्स) अभिषेक सिंह, वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर अशोक जोशी, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (टीआरओ) एमके गुप्ता सहित चिकित्सक डा. दीपक एवं डा. देवेंद्र सोलंकी अपनी टीम के साथ उपस्थित रहे। मॉक ड्रिल संचालन की कमान मंडल रेल प्रबंधक अश्वनी कुमार द्वारा कंट्रोल कार्यालय से संभाली गई।
विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने आपसी समन्वय से दुर्घटना प्रबंधन प्रणाली की प्रभावशीलता का प्रदर्शन किया। माक ड्रिल के दौरान राज्य पुलिस की डायल-112 वाहन एवं 108 मेडिकल एम्बुलेंस भी रात 00:50 बजे घटनास्थल पर पहुंच गई, जिससे विभिन्न एजेंसियों के मध्य समन्वित कार्यप्रणाली का सफल परीक्षण किया गया।
राहत ट्रेन के इंजिन ब्रेक में भी लग गई थी आग
17 मई को राजधानी एक्सप्रेस में आग लगने के दौरान कोटा रेलमंडल से सूचना मिलने के बाद रतलाम से भी एआरएमई (एक्सीडेंट रिलीफ मेडिकल एक्यूपमेंट) ट्रेन को मौके पर भेजा गया था। मौके पर पहुंचने से पहले ही यात्रियों के रवाना होने पर ट्रेन को वापस रतलाम लाने के दौरान रुनखेड़ा स्टचेशन के समीप इंजिन के ब्रेक में आग लग गई थी। बताया जाता है कि एआरएमई के रिस्पांस व हूटर बजने में भी मानकों का पालन नहीं हुआ। इसके चलते माक ड्रिल में सभी इंतजाम परखे गए हैं।
जले हुए कोच की कोटा में जांच, रिपोर्ट में देरी
17 मई को गाड़ी संख्या 12431 तिरुवनंतपुरम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस के बी-1 कोच में आग लगने की घटना पश्चिम मध्य रेलवे महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह द्वारा गठित उच्चस्तरीय जांच दल कोटा में संबंधित कर्मचारियों के बयान दर्ज करने के साथ ही आग लगने के कारणों की तकनीकी जांच भी कर रहा है। मौके से जला हुआ कोच कोटा ले जाया गया है।
मालूम हो कि रविवार सुबह करीब 5:15 बजे राजधानी एक्सप्रेेस के बी-1 कोच में आग लगने पर ट्रेन को लूनी-रिछा स्टेशन पर रोकने के बाद कोच से सभी 68 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। जांच दल में प्रधान मुख्य विद्युत अभियंता मुकेश (पश्चिम मध्य रेलवे), प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता एम. विजय कुमार (पश्चिम मध्य रेलवे), प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता एन.एस. प्रसाद (आईसीएफ), कार्यकारी निदेशक महेन्द्र सिंह (पीएस एवं ईएमयू/आरडीएसओ) तथा प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त राजीव कुमार (पश्चिम मध्य रेलवे) शामिल हैं। दल को 20 मई तक रिपोर्ट देना थी, लेकिन अब इसमें कुछ दिन और लग सकते हैं।







