श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- अनूपपुरः अनुसूचित जनजाति आयोग अध्यक्ष रामलाल रौतेल द्वारा प्रधान मुख्य वन संरक्षक को पत्र लिखकर अनूपपुर में विचरण कर रहे चार हाथियों को जिले से बाहर किए जाने की मांग रखी है। पत्र में कहा गया कि छतीसगढ़ राज्य से लगा हुआ जिला अनूपपुर है। पडोसी राज्य में लगभग 300 हाथी विचरण कर रहे हैं। उसमें से कुछ हाथी समय-समय पर जिले में आ जाते है।
वर्तमान समय विगत 135 दिनों से चार हाथी जिले में मौजूद है। जंगली हाथी द्वारा जिले के किसानों की फसल नष्ट किया जा रहा तथा इनके द्वारा मकान को क्षतिग्रस्त करना निरंतर जारी है। वर्ष 2015 से 2026 तक हाथियों ने 16 जनहानि पहुंचाई है जिसमें 12 जनजाति के पुरूष एवं महिलाएं है।
वन विभाग अभी तक कोई ठोस कदम हाथियों को लेकर नहीं उठा पाया है। सिर्फ जनजागृति का अभियान ही चला रहा है। हाथी के कुचलने से विशंभर भैन ग्राम गोबरी, प्रेम पिता छोटे सिंह गुट्टी पारा पुष्पराजगढ़, जानकी पति पंचम सिंह मझौली, मुन्नी बाई पति राम सिंह नेवसा, रामचंद्र पाव सुईडांड, जनार्दन सिंह निवासी कुसुम हाई, धन्नू सिंह ठेंग रहा, ज्ञान सिंह निवासी ग्राम पंगना, हेमराज भैना निवासी बरबसपुर, राम विशाल भैना बरबसपुर, प्रेमवती पति राम मनोज पाव भोलगढ़, जानकी पिता राम अवतार निवासी पिपरिया शामिल है। पत्र में कहा गया कि हाथियों के उत्पात से क्षेत्र के लोग भयभीत और आक्रोशित हैं। और जनहानि ना हो इसके लिए विचरण कर रहे हाथियों को अन्यत्र भेजने की व्यवस्था की जनहित में आवश्यक है।







