श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- जबलपुर । रेलवे के वीआइपी कोटे की आड़ में एक कर्मचारी धांधली कर रहा था। मामले में पश्चिम मध्य रेल के मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (सीसीएम) के निजी सचिव अमित कुमार आनंद को निलंबित कर दिया गया है।
विभागीय जांच शुरू
आरोपित पर वरिष्ठ अधिकारियों के पुराने सिफारिशी पत्रों को स्कैन कर उनमें हेरफेर करते हुए वेटिंग टिकटों को कन्फर्म कराने का आरोप है। मामले में चार्जशीट जारी कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
संबंधित पत्र अधिकृत नहीं थे
पूछताछ में स्पष्ट हुआ कि संबंधित पत्र अधिकृत नहीं थे। इसके बाद पूरे मामले की विस्तृत जांच की गई, जिसमें आरोपी की भूमिका उजागर हो गई। पता चला कि मुख्य वाणिज्य प्रबंधक के नाम के जाली पत्र बनाकर आनंद टिकट कन्फर्म कराने वीआईपी कोटा भेजता था।
रेलवे में वीआईपी कोटा के माध्यम से वेटिंग टिकटों को कन्फर्म करने की विशेष व्यवस्था होती है। इस प्रक्रिया में मुख्य वाणिज्य प्रबंधक की स्वीकृति से सिफारिशी पत्र जारी किए जाते हैं, जिनका समन्वय और प्रबंधन निजी सचिव द्वारा किया जाता है। आरोपित आनंद ने इसी व्यवस्था का दुरुपयोग करते हुए पुराने पत्रों को स्कैन कर अपने पास सुरक्षित रखा। उनमें नए यात्रियों के नाम व टिकट विवरण जोड़कर उनका उपयोग करने लगा।
वीआइपी कोटे की धांधली में फंसा अमित कुमार आनंद पूर्व में मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (ट्रेड एंड मार्केटिंग) अजय प्रकाश का निजी सचिव था। उनकी सेवानिवृत्ति के बाद वह मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (पैसेंजर मार्केंटिंग) राजेश शर्मा के कार्यालय से संबद्ध हो गया था। वह दोनों अधिकारियों के पुराने पत्रों और हस्ताक्षर का उपयोग कर वीआईपी कोटा हड़प लेता था।
टिकिट दलालों से संपर्क की जांच
रेल जाेन ने घटना सामने आते ही जांच समिति समिति बना दी है। समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। आरोपित निजी सचिव के टिकिट दलालों के संपर्क की आशंका है, जिसकी छानबीन की जाएगी। वहीं, वीआईपी कोटे की व्यवस्था में निगरानी बढ़ा दी गई है। सिफारिशों की गहन जांच की जा रही है।










