श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- मानपुरः पनपथा बफर क्षेत्र अंतर्गत कुदरी निवासी रज्जू कोल – की टाइगर हमले में हुई मृत्यु पर जनपद सदस्य रोशनी सिंह ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदायों की आजीविका जंगल एवं लघु वनोपज पर आधारित रही है। महुआ, तेंदूपत्ता एवं अन्य वन उपज उनके जीवनयापन का महत्वपूर्ण साधन हैं। ऐसे में जंगल उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा है और वन क्षेत्र से जुड़े समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन एवं वन विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
आर्थिक समस्या का सवालः
रोशनी सिंह ने कहा कि रज्जू कोल की मृत्यु के बाद उनके परिवार, पत्नी एवं बच्चों के समक्ष भी आजीविका, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। एक परिवार के कमाऊ सदस्य की असमय मृत्यु केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक और भावनात्मक क्षति भी है। बच्चों के सिर से पिता का साया उठ जाना किसी भी आर्थिक सहायता से पूरी तरह भरपाई ‘नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि वन विभाग द्वारा नियमानुसार प्रदान की जाने वाली लगभग आठ लाख रुपये की आर्थिक सहायता तात्कालिक राहत का माध्यम हो सकती है, किंतु किसी परिवार के मुखिया की कमी की पूर्ति केवल आर्थिक सहायता से संभव नहीं है। उन्होंने शीघ्र आर्थिक सहायता, मृतक परिवार के एक पात्र सदस्य को नियमानुसार रोजगार, मृतक के बच्चों की शिक्षा एवं परिवार के पुनर्वास के लिए विशेष सहायता की मांग की है।











