श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शुक्रवार को बरगी बांध में डूबे क्रूज बोट हादसे (Jabalpur Bargi Dam Accident) के बीच जहां दर्दनाक दृश्य सामने आए, वहीं कुछ गुमनाम हीरो भी उभरकर सामने आए। इन लोगों ने अपनी जान की परवाह किए बिना उफनते पानी में कूदकर कई लोगों की जान बचाई।
घटना के समय पास ही केंद्र सरकार के ‘जल जीवन मिशन’ के तहत एक परियोजना में कार्यरत करीब 35 मजदूर मौजूद थे। जैसे ही उन्होंने देखा कि क्रूज बोट पानी में डूब रही है, वे तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े।
औजार छोड़ कूद पड़े पानी में
मजदूरों ने बिना देर किए अपने औजार वहीं छोड़ दिए और सीधे बांध में छलांग लगा दी। उस समय तक कोई पेशेवर बचाव दल मौके पर नहीं पहुंचा था, ऐसे में इन मजदूरों ने ही शुरुआती जिम्मेदारी संभाली।
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सिर्फ रस्सियों के सहारे उन्होंने मौके पर ही एक अस्थायी बचाव दल बनाया और तेजी से डूब रहे यात्रियों तक पहुंचने की कोशिश की। जैसे ही नाव पलटी, मजदूर एक के बाद एक पानी में उतरते गए और मिलकर एक ‘ह्यूमन चेन’ बना ली। बिना किसी सुरक्षा उपकरण या औपचारिक प्रशिक्षण के उन्होंने अपनी समझदारी और साहस के दम पर काम किया।
रस्सियों और अपने खाली हाथों की मदद से उन्होंने लोगों को पानी से बाहर निकाला। शुरुआती कुछ महत्वपूर्ण मिनटों में ही उन्होंने करीब एक दर्जन यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
सरकार ने किया सम्मान का ऐलान
इस दर्दनाक हादसे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “एक्स” पर मृतकों के स्वजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये और घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।











