श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- मध्यप्रदेश के सतना जिले से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने वाले एक पीड़ित पति ने आरोप लगाया है कि सिविल लाइन थाना पुलिस ने मदद के नाम पर उससे हजारों रुपए खर्च कराए, लेकिन उसकी पत्नी का कोई सुराग नहीं लगा।
अब उसी पुलिस द्वारा दोबारा गोवा चलने का दबाव बनाया जा रहा है। पत्नी को इंस्टाग्राम में रील बनाने का सौख था। इसी दौरान इंटरनेट मीडिया में ही उसकी बातचीत इंस्टाग्राम में रील बनाने वाले जबलपुर निवासी किसी युवक से होने लगी। उसके बाद वह अपने तीन बच्चे व पति को छोड़कर कर भाग निकली।
पीड़ित के अनुसार, उसकी पत्नी 11 मार्च 2026 से लापता है। उसने थाना सिविल लाइन में गुमशुदगी दर्ज कराई, लेकिन शुरुआती स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। बाद में एक पुलिसकर्मी उसे यह कहकर गोवा ले गया कि वहां पत्नी की लोकेशन मिली है।
इस यात्रा में करीब 65 हजार रुपए का खर्च पति से कराया गया, लेकिन नतीजा शून्य रहा। मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि अगर सुरक्षा देने वाली ही संस्था सवालों के घेरे में आ जाए, तो आम आदमी न्याय के लिए कहां जाए? उल्लेखनीय है कि पति-पत्नी के तीन बच्चे भी है।
दोबारा गोवा ले जाने का बना रही दबाब
हैरानी की बात यह है कि पत्नी का पता न चलने के बावजूद अब पुलिस दोबारा गोवा जाने के लिए दबाव बना रही है और टिकट बुक कराने की बात कह रही है। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने साफ तौर पर कहा “पत्नी को ढूंढना है तो खर्चा तो करना पड़ेगा।”
सीएम हेल्पलाइन में शिकायत
पुलिस के इस रवैये से परेशान होकर पीड़ित ने सीएम हेल्पलाइन (शिकायत क्रमांक 38015990) में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में पुलिस पर लापरवाही, विवेचना में देरी और दबाव बनाकर पैसे खर्च कराने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
लोकलाज के डर से नाम उजागर नहीं
पीड़ित ने सामाजिक कारणों और लोकलाज के चलते अपना नाम सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन उसने साफ कहा है कि अगर जल्द न्याय नहीं मिला तो वह उच्च स्तर पर शिकायत करेगा।
शिकायत की स्थिति
- 28 अप्रैल 2026: शिकायत कॉल सेंटर के माध्यम से दर्ज
- 28 अप्रैल 2026: निराकरण के लिए अधिकारी को सौंपा गया
- 30 अप्रैल 2026: पीड़ित ने जल्द कार्रवाई की मांग दोहराई और पुलिस द्वारा पैसे खर्च कराने की शिकायत की
पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
यह मामला कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है:
- क्या गुमशुदा व्यक्ति की तलाश अब पीड़ित के खर्चे पर होगी?
- क्या पुलिस बिना ठोस सूचना के किसी को हजारों किलोमीटर दूर ले जा सकती है?
- क्या जांच के नाम पर आम नागरिकों से पैसा खर्च कराना नियमों के खिलाफ नहीं है?







