श्रेया न्यूज़ शहडोल द्रोपती धुर्वे :- शहडोलः बिरसा मुंडा शासकीय मेडिकल कालेज में करोड़ों की लागत से आई डायलिसिस मशीनों के पिछले पांच वर्षों से बंद रहने. और तकनीकी स्टाफ की कमी पर आम आदमी पार्टी के मध्य प्रदेश सचिव शक्ति सिंह चंदेल ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इसे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की विफलता और विंध्य क्षेत्र की जनता के साथ मजाक बताया है। शक्ति सिंह चंदेल ने कहा कि यह शर्मनाक है कि एक तरफ सरकार स्वास्थ्य ढांचे को आधुनिक बनाने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर शहडोल संभाग के सबसे बड़े सरकारी संस्थान में लाखों की मशीनें ‘शो-पीस’ बनी हुई हैं।
उन्होंने आगे कहा कि मेडिकल कालेज में सुविधा न होने के कारण गरीब मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है, जहां उन्हें सरकारी दर से दोगुनी फीस देनी पड़ती है। चंदेल जी ने सवाल उठाया कि जिले में हर महीने 700-800 मरीजों को डायलिसिस की जरूरत होती है, लेकिन यहां विशेषज्ञों (नेफ्रोलाजिस्ट) की कमी है। बिना विशेषज्ञ के गंभीर मरीजों का इलाज केवल एमबीबीएस डाक्टरों के भरोसे छोड़ना उनके जीवन के साथ खिलवाड़ है।







