श्रेया न्यूज़ शहडोल द्रोपती धुर्वे :- उमरिया जिले के विश्वप्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर उत्तर प्रदेश के दो युवकों से लाखों रुपये ठग लिए गए। शातिर ठगों ने फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर युवकों को ऐसा झांसा दिया कि वे सच्चाई समझ ही नहीं पाए और करीब 8 लाख रुपये गंवा बैठे।
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के देवरिया निवासी दीपु शर्मा और गोरखपुर निवासी सौरव मिश्रा नौकरी की तलाश में उमरिया पहुंचे थे। उन्हें बताया गया था कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में उनकी नियुक्ति हो चुकी है। इसी भरोसे पर दोनों युवक जिला मुख्यालय के पास शैलेंद्र पांडे नामक व्यक्ति के मकान में किराए पर रहने लगे।
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और युवकों से पूछताछ शुरू की। जब उनके पास मौजूद नियुक्ति पत्रों की जांच की गई तो हकीकत सामने आ गई। दस्तावेज पूरी तरह फर्जी निकले। पूछताछ में युवकों ने बताया कि अविराज सिंह नाम के एक व्यक्ति ने उन्हें सरकारी नौकरी का लालच देकर उनसे 8 लाख रुपये से अधिक वसूल लिए और बदले में यह नकली नियुक्ति पत्र थमा दिए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के उपसंचालक योहान कटारा ने स्पष्ट किया कि रिजर्व प्रबंधन या मुख्यालय की ओर से ऐसा कोई नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया गया है। उन्होंने इन दस्तावेजों को पूरी तरह जाली बताया और लोगों से सतर्क रहने की अपील की।
वहीं एसडीओपी पी.एल. परस्ते ने बताया कि इस ठगी के तार उत्तर प्रदेश से जुड़े होने की संभावना है। ऐसे में युवकों को सलाह दी गई है कि वे अपने गृह जिले के थाने में जीरो पर एफआईआर दर्ज कराएं, ताकि पूरे नेटवर्क तक पहुंचा जा सके।
फिलहाल पुलिस अविराज सिंह और उसके गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है। यह मामला एक बार फिर यह चेतावनी देता है कि सरकारी नौकरी के नाम पर मिलने वाले लालच से बचना जरूरी है, वरना सपनों की जगह ठगी का शिकार होना तय है।







