श्रेया न्यूज़ द्रोपती धुर्वे शहडोल :- सागर। केसली के खेमरिया में गुरुवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे पेड़ पर मिले महिला व खेत पर मिले चार बेटियों के शवों का पीएम सागर जिला अस्पताल में हुआ। चार-चार बेटियां होने व पति के 11 महीने से घर न लौटने से वह तनाव रहती थी।
पुलिस ने बताया कि बुधवार को सविता के घर के सामने सड़क के उस पार विश्वकर्मा समाज के यहां शादी समारोह की पंगत थी, जिसमें सविता अपनी बच्चियों के साथ कार्यक्रम में शामिल होने गई थी। वहां पर भी वह हमेशा की तरह सब से मिलीजुली, जिसमें किसी को भी यह अंदाजा नहीं हुआ कि यहां से जाकर रात में वह इतना बड़ा कदम उठाएगी। सविता के पति तीन-चार भाई हैं, जिनके अलग-अलग खेत हैं। सभी अलग-अलग रहते थे। सविता ससुर के साथ खेत पर बने मकान में रहती थी।
गांव वालों ने बताया कि पिछले बैशाख में घर में भूसा रखवा कर चंद्रभान गया था। उसके बाद से वह घर नहीं लौटा। इस दौरान उसके ताऊ के लड़के की मौत होगई, लेकिन वह नहीं आया। बस चालकों से पूछताछ में चंद्रभान के दूसरे शहर में देखे जाने की जानकारी मिली, लेकिन उसका फोन नंबर नहीं था, तो संपर्क भी नहीं हो पाया।
खमरिया के पलोह में सविता का मायका है। मध्यमवर्गीय परिवार में उसकी शादी हुई थी। घर में तीन एकड़ जमीन है। खेत में घर बना होने से आसपास कोई दूसरा मकान नहीं था। घटना की रात ससुर, छोटी बहन और सविता तीनों अलग-अलग कमरे में सो रहे थे।
बहन के पास सो रही दो बेटियों को उठाकर ले गई
- रात को बहन मीना के साथ दो बच्चियां दूसरी कमरे में सो रही थी।ब दो से ढाई के बीच में सविता मीना के रात करी कमरे में आई और दोनों बच्चियों को मीना के पास से यह कहते हुए उठाकर ले गई कि अपने साथ सुलाएगी। नींद में मीना भी ज्यादा सोच विचार नहीं पाई। बच्चियों को अपने साथ घर से बाहर लेकर सविता ने घर का दरबाजा बाहर से लगा दिया।
- सुबह ससुर और मीना उठे तो घर का दरबाजा बाहर से लगा हुआ पाया। अंदर से आवाज लगाकर आसपास के लोगाें को बुलाया और दरबाजा खुलवाया। इसके बाद काफी देर तक सविता का कोई पता नहीं चला, तो परिवार सहित सभी लोग आसपास उसकी तलाश करने लगे। गांव का ही एक व्यक्ति कुएं के पास गया, जहां उसे एक बच्ची का शव पानी में तैरता मिला। इसके कुछ दूर पर बेर के पेड़ पर सविता फंदे पर लटकी मिली।
20 फीट गहरे पानी में खोज कर निकाले शव
- कुएं में सबसे बड़ी बच्ची का शव मिलने के बाद तीन अन्य बच्चियों की तलाश शुरू की गई। गांव वालों काे तीन अन्य बच्चियों के कुएं में होने का संदेह हुआ, जिसके बाद कुएं में शवों की तलाश शुरू की गई। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद कुएं के 20 फीट गहरे पानी में ग्रामीणों ने तीनों शवों को बरामद कर लिया।
- फंदे पर मां और कुएं में बेटियों के शव मिलने की खबर लगते ही मौके पर गांव सहित आसपास के सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने शवों का पंचनामा तैयार शवों को मालवाहक में रख जिला अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने सविता का मोबाइल जब्त कर लिया है।
कुएं में बेटियों को फेंक दूर जाकर लगाई फांसी
सागर से पहुंचे एफएसएल वैज्ञानिक की टीम ने पेड़ पर लटके शव से लेकर कुआं और मकान के रास्ते का मुआयना किया। प्रथम दृष्टया सविता पेड़ पर करीब 15 फीट ऊपर चढ़कर रस्सी के फंदे पर लटक कर जान दी। संभावत: सविता ने दो-दो बच्चियों को अलग-अलग ले जाकर कुएं में पहले फेंका फिर कुएं से करीब ढाई सौ फीट दूर दूसरे के खेत में लगे बेर के पेड़ पर फंदा लगाकर जान दे दी। घर से कुआं व पेड़ की दूसरी करीब ढाई तीन सौ फीट दूर है।
दो दिन में इस तरह की दूसरी घटना
दो दिन में इस तरह की जिले में यह दूसरी घटना है। इसके ठीक एक दिन पहले जैसीनगर के हिन्नौद गांव में खेत पर बने कुएं में मंगलवार दोपहर एक महिला पांच साल की बेटी को लेकर कुएं में कूदकर जान दे दी। दरअसल सीमा पाल (29) पत्नी भागीरथ पाल निवासी ग्राम नाहरमऊ (केसली) अपनी पांच वर्षीय बेटी प्रियांशी के साथ पिछले कुछ समय से मायके ग्राम हिंन्नोद में रह रही थी। मंगलवार दोपहर 12 वह बेटी के साथ खेत गई थी, जहां सीमा ने बेटी के साथ कुएं में कूदकर जान दे दी।







