श्रेया न्यूज़ द्रोपती धुर्वे शहडोल :- अनूपपुरः किशोरी बालिकाओं को सर्वोकल कैंसर (बच्चेदानी के मुंह का कैंसर) से सुरक्षित रखने के लिए केंद्र सरकार के द्वारा एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान जिले में 28 फरवरी से शुरू किया गया है। होली अधिक समय बीत गए लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस टीकाकरण कार्यक्रम के क्रियान्वयन में घोर ल लापरवाही बरत रहे हैं। यही कारण है कि जिले में अभी तक रविवार की स्थिति में कुल 126 किशोरियों का ही टीकाकरण हो सका है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित विशेष सत्रों के माध्यम से अब तक 126 किशोरियों का टीकाकरण किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहा है। ऐसे में लक्षित सभी किशोरी बालिकाओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण होने की संभावना बेहद कम है। जिला प्रशासन द्वारा इस से महत्वपूर्ण टीकाकरण अभियान का ना तो कोई व्यापक रूप से प्रचार प्रसार किया जा रहा है ना ही स्वास्थ्य अमले से इस अभियान को गंभीरता के साथ पूरा करने के प्रयास किया जा रहे हैं।
जिले में यह हाल है कि एक सप्ताह से अधिक समय हो गए इस टीकाकरण अभियान को शुरू हुए और समूचे जिले में महज 126 से किशोरी ही विभाग को टीकाकरण करने के लिए मिल पाए हैं। जिला मुख्यालय के अधिकारियों का यह हाल है कि वह केवल फोटोग्राफ्स कराने तक सीमित हैं। मुख्यालय व आसपास के शैक्षिक संस्थानों में जाकर योजना का प्रचार प्रचार करने का ही प्रयास नहीं किया जा रहा है। मुख्यालय में अधिकारियों की लापरवाही का ही नतीजा है कि हर योजनाओं का केवल औपचारिक रूप से निर्वहन किया जा रहा है।
जनमानस को नहीं मिल पा रही जानकारी
जनमानस तक योजनाओं की ना तो जानकारी पहुंच पा रही है और ना ही इसका लाभ सीधे तौर पर मिल पा रहा है। टीकाकरण के लिए अभिभावकों से सीधे रूप से सहमति भी लिया जाना है लेकिन जनमानस तक सीधे तौर स्वास्थ्य विभाग नहीं पहुंच पा रहा और ना ही लोगों को इस योजना के बारे में समझ पा रहा है। अभी तक केवल शिक्षण संस्थानों की किशोरियों को ही अभियान में शामिल किया गया है कई मामलों में तो यह भी जानकारी सामने आई है कि अभिभावकों की सहमति नहीं ली गई। बताया गया इस टीकाकरण के लिए 15 वर्ष 3 माह आयु तक की बालिकाओं को अभियान से जोड़ना है।
हो जाना था 500 किशोरियों का टीकाकरण
टीकाकरण की सुविधा जिला चिकित्सालय अनूपपुर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैतहरी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेंद्रग्राम, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फुनगा, एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिजुरी पर उपलब्ध कराई गई है। बताया गया कि सुरक्षा की दृष्टि से टीकाकरण के पश्चात प्रत्येक बालिका को 30 मिनट तक चिकित्सकीय अवलोकन में रखा जाता है। जिले की प्रत्येक पात्र किशोरी को इस सुरक्षा चक्र से जोड़ा जाना क्योंकि यह टीका भविष्य में होने वाले गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) के खतरे को काफी हद तक कम करता है। यह टीका 15 वर्ष आयु के किशोरियों, को लगाया जाना अत्यंत जरूरी है यह उनके स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है इसके लिए गंभीरता और सक्रियता बेहद जरूरी है जो जिला स्वास्थ्य विभाग में नजर नहीं आ रही है। अब तक 5 सैकड़ा से अधिक है। किशोरियों का टीकाकरण हो जाना चाहिए था किंतु उदासीनता के कारण यह कार्य धीमी गति से हो रहा है। इसी लापरवाही को देखते हुए रविवार को जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अर्चना कुमारी ने विकासखंड स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिए हैं। इसके तहत मैदानी अमला घर-घर जाकर एवं स्कूलों के माध्यम से अभिभावकों को जागरूक करें।







