श्रेया न्यूज़ द्रोपती धुर्वे शहडोल :- शहडोलः फुटबाल गांव विचारपुर से एक और प्रतिभा उभरकर सामने आई है। 14 वर्षीय फुटबाल खिलाड़ी राधिनी सिंह अपने शानदार खेल से तेजी से पहचान बना रही हैं। महज डेढ़ साल के सतत अभ्यास में ही वह दो राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी हैं और उनके खेल से जर्मनी और कंबोडिया के कोच भी प्रभावित हुए हैं। राधिनी सिंह शहडोल जिले के पतखई गांव की रहने वाली हैं और वर्तमान में कक्षा 9वीं की छात्रा हैं। वे शहडोल के ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय में पढ़ाई कर रही हैं।
फुटबाल कोच अनिल सिंह बताते हैं कि राधिनी की शुरुआत काफी दिलचस्प रही। वह शुरू में मैदान पर आती थीं और घंटों बैठकर खिलाड़ियों को फुटबाल खेलते हुए देखती रहती थीं। करीब एक महीने तक ऐसा ही चलता रहा। इसके बाद कोच नरेश कुंडे और लक्ष्मी सहीस ने उनसे बात की और खेलने के लिए प्रेरित किया। राधिनी ने मैदान में दौड़ लगाकर अपनी फिटनेस दिखाई और उसके बाद उन्हें ट्रेनिंग देना शुरू किया गया। मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने सिर्फ डेढ़ साल में दो नेशनल प्रतियोगिताएं खेल लीं। राधिनी सिंह फुटबाल में राइट स्टापर की पोजीशन पर खेलती हैं। वह फुटबाल के राष्ट्रीय टूर्नामेंट खेलने के लिए नागालैंड और रांची भी जा चुकी हैं। उनका सपना है कि वह आगे चलकर भारत के लिए फुटबाल खेलें और देश का नाम रोशन करें। स्पोर्ट्स शिक्षक नरेश कुमार कुंडे बताते हैं कि राधिनी सिर्फ फुटबाल ही नहीं बल्कि एथलेटिक्स में भी प्रतिभाशाली हैं। वह 3000 मीटर दौड़ में स्टेट लेवल तक पहुंच चुकी हैं। अगर उन्हें बेहतर ट्रेनिंग और अवसर मिले तो वह भविष्य में बड़ी खिलाड़ी बन सकती हैं।
शहडोल जिले का विचारपुर गांव फुटबाल के लिए देशभर में प्रसिद्ध है और इसे मिनी ब्राजील के नाम से जाना जाता है। यहां के खिलाड़ियों के फुटबाल के प्रति जुनून की चर्चा देश-दुनिया तक पहुंच चुकी है। गांव के कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं और कई के पास 10 से अधिक नेशनल मेडल भी हैं। हाल ही में जर्मनी और कंबोडिया के फुटबाल कोच भी यहां आकर खिलाड़ियों की प्रतिभा देख चुके हैं। ऐसे माहौल में उभर रही अधिनी कि सिंह जैसी प्रतिभाएं यह साबित कर रही हैं कि छोटे गांवों से भी देश के बड़े अ खिलाडी तैयार हो सकते हैं।







