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एस जयशंकर (S. Jaishankar) ने कहा कि जिन देशों को चुनाव परिणाम तय करने के लिए कोर्ट जाना पड़ता है वो चुनाव कराने पर हमें ‘ज्ञान’ दे रहे हैं। पश्चिमी देशों को ‘महसूस’ होता है कि उन्होंने पिछले 200 सालों में दुनिया को प्रभावित किया है इसलिए वो अपनी इन ‘पुरानी आदतों’ को आसानी से नहीं छोड़ पा रहे हैं।
नई दिल्ली•May 15, 2024 / 12:36 pm•padma mishra.

बीते दिनों अमेरिका समेत कुछ देशों ने भारत के चुनावों पर नकारात्मक कवरेज की थी जिस पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S. Jaishankar) का गुस्सा फूटा है। एस जयशंकर ने कहा कि जिन देशों को चुनाव परिणाम तय करने के लिए कोर्ट जाना पड़ता है वो चुनाव कराने पर हमें ‘ज्ञान’ दे रहे हैं। पश्चिमी देशों को ‘महसूस’ होता है कि उन्होंने पिछले 200 सालों में दुनिया को प्रभावित किया है इसलिए वो अपनी इन ‘पुरानी आदतों’ को आसानी से नहीं छोड़ पा रहे हैं।
एक निश्चित वर्ग के लोगों का शासन देखना चाहता है पश्चिमी मीडिया
एस जयशंकर ने ने कहा कि पश्चिमी देश हमें प्रभावित करना चाहते हैं पश्चिमी मीडिया चाहता है कि एक निश्चित वर्ग के लोग देश पर शासन करें और जब भारतीय मतदाता ऐसा महसूस नहीं करते हैं तो वे परेशान हो जाते हैं। ये समाचार पत्र भारत पर इतने नकारात्मक क्यों हैं? क्योंकि वे एक ऐसा भारत देख रहे हैं जो एक तरह से उनकी छवि के मुताबिक नहीं है कि भारत कैसा होना चाहिए। वे लोग, विचारधारा या जीवन जीने का एक तरीका चाहते हैं।
वो हमारे चुनाव के खिलाड़ी हैं क्या?
एस जयशंकर ने कहा कि “पश्चिमी मीडिया कई बार खुले तौर पर उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों का समर्थन करता है। मुझे पश्चिमी प्रेस से ऐसी बहुत सी बातें सुनने को मिलती हैं और अगर वो हमारे लोकतंत्र की आलोचना करते हैं, तो इसका कारण ये नहीं कि उनके पास जानकारी का अभाव है। ऐसा इसलिए है क्योंकि उन्हें लगता है कि वो भी हमारे चुनाव में राजनीतिक खिलाड़ी हैं”।







