श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वन्यजीव मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जनवरी में चार बाघों की मौत के बाद अब भालुओं की मृत्यु के मामले सामने आने से वन्यजीव संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ताजा मामला पनपथा बफर परिक्षेत्र का है, जहां गश्ती के दौरान एक और भालू का शव मिला है।
क्षेत्र संचालक, उप संचालक, वन परिक्षेत्र अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा पोस्टमॉर्टम किया गया। प्रारंभिक पीएम रिपोर्ट में भालू की मृत्यु प्राकृतिक कारणों से होना बताया गया है। इसके बाद नियमानुसार शवदाह की प्रक्रिया शुरू की गई। राहत की बात यह रही कि भालू के सभी अंग सुरक्षित पाए गए।
यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 29 जनवरी 2026 को मानपुर बफर परिक्षेत्र की बीट खम्हा के कंपार्टमेंट 275 में एक अवयस्क नर भालू का शव मिला था। जांच के दौरान डॉग स्क्वाड ने कुछ किलोमीटर दूर कंपार्टमेंट 276 में एक मादा भालू का शव भी खोज निकाला। दोनों भालुओं के सभी अंग सुरक्षित थे। विभागीय अमले ने तत्काल पंचनामा तैयार कर स्थल संरक्षण किया और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया।
30 जनवरी को वाइल्डलाइफ हेल्थ ऑफिसर की मौजूदगी में दोनों शवों का विस्तृत पोस्टमॉर्टम किया गया। नमूने एकत्र कर अधिकृत प्रयोगशाला भेजे गए। प्राथमिक जांच में दोनों भालुओं की मौत का संभावित कारण अन्य वन्यप्राणी से संघर्ष माना गया। उसी दिन नियमानुसार शव दाह किया गया।
गौरतलब है कि इसी जनवरी माह में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में चार बाघों की मौत हो चुकी है। बाघों के बाद अब भालुओं की मौत की घटनाओं ने वन्यजीव प्रेमियों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि पार्क प्रबंधन हर मामले में नियमों के तहत जांच और कार्रवाई की बात कह रहा है, लेकिन लगातार हो रही मौतें वन्यजीवों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े कर रही हैं। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।







