श्रेया न्यूज़ शहडोल सीमा सिंह :- अमरकंटक के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय में भारत के विभिन्न राज्यों के छात्र-छात्राएं अध्यनरत हैं। राजस्थान, जम्मू-कश्मीर सहित अन्य राज्यों के विद्यार्थी यहां अक्सर नस्लभेद का शिकार होते हैं। चलिए आपको घटना के बारे में विस्तार से बताते हैं
अनूपपुर। अमरकंटक के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय में भारत के विभिन्न राज्यों के छात्र-छात्राएं अध्यनरत हैं। राजस्थान, जम्मू-कश्मीर सहित अन्य राज्यों के विद्यार्थी यहां अक्सर नस्लभेद का शिकार होते हैं।
हाल ही में असम के हीरोस दास ज्योति (22) के साथ पांच छात्रों ने मारपीट की। जिसके बाद अमरकंटक पुलिस ने अनुराग पांडे, जतिन सिंह, रजनीश त्रिपाठी, विशाल यादव और उत्कर्ष सिंह पर एफआइआर दर्ज की है।
चिंकी, चीनी कहकर चिढ़ाया जाना आम बात
पूर्वोत्तर के राज्यों के साथ भी यहां भेदभाव होता है। एक छात्र ने बताया कि उन्हें चिंकी या चीनी कहकर चिढ़ाया जाता है। कश्मीर के छात्र रियाज चौधरी ने कहा कि विश्वविद्यालय में छात्रों का एक समूह है जो अक्सर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाते हुए रैगिंग जैसी हरकत करता है।
अधिकारियों का क्या कहना
रजनीश त्रिपाठी, जनसंपर्क अधिकारी, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय ने कहा कि“असम के छात्र से रैंगिंग नहीं हुई। विश्वविद्यालय में एंटी रैगिंग समिति बनी है, जो मामले सामने आने पर जांच करती है। सभी विभागों के अध्यक्ष भी समिति में शामिल हैं।
नवीन तिवारी, एसडीओपी पुष्पराजगढ़ का कहना है कि “पुलिस ने विश्वविद्यालय से मिले फुटेज और जानकारी के आधार पर अपराध दर्ज कर लिया है। आरोपित छात्रों के बयान लिए जाएंगे।”
सीएम ने कहा- आवश्यक कार्रवाई की जाएगी
मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने शुक्रवार को असम के विद्यार्थी के साथ मारपीट की घटना को संज्ञान में लेकर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने पांच छात्रों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी जिम्मेदारी लेते हुए आरोपित छात्रों के विरुद्ध आवश्यक कदम उठाए हैं। किसी आरोपित को बख्शा नहीं जाएगा। शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह ने भी घटना की निंदा कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।










