SUBSCRIBE NOW

Home » राज्य » भोपाल नगर निगम की वेबसाइट में अंग्रेजी का ‘टेंडर’ हिंदी में ‘नाजुक’ तो ‘वन विहार’ बन जाता है ‘तूफान आ रहा है’

भोपाल नगर निगम की वेबसाइट में अंग्रेजी का ‘टेंडर’ हिंदी में ‘नाजुक’ तो ‘वन विहार’ बन जाता है ‘तूफान आ रहा है’

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

      श्रेया न्यूज़ शहडोल सीमा सिंह :-      Bhopal News: नगर निगम की वेबसाइट https://www.bmconline.gov.in/ का होमपेज अंग्रेजी में खुलता है, जिससे अंग्रेजी न जानने वाले नागरिक वेबसाइट का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि वेब पेज पर जब वेबसाइट को गूगल ट्रांसलेशन के जरिये हिंदी में बदला जाता है, तो कई शब्दों का अर्थ ही बदल जाता है। इससे हिंदी पढ़ने वालों को समझ ही नहीं आता कि आखिर यह है क्या।

भोपाल। डिजिटल इंडिया के दौर में सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन और सरल बनाया जा रहा है, ताकि आमजन को सरकारी दफ्तरों के चक्कर ना लगाने पड़े और घर बैठे ही उनका काम हो जाए। वहीं, नगर निगम भोपाल की वेबसाइट आम नागरिकों के लिए उलझन का कारण बन रही है।

कई शब्दों का अर्थ ही बदल जाता है

दरअसल, नगर निगम की वेबसाइट https://www.bmconline.gov.in/ का होमपेज अंग्रेजी में खुलता है, जिससे अंग्रेजी न जानने वाले नागरिक वेबसाइट का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि वेब पेज पर जब वेबसाइट को गूगल ट्रांसलेशन के जरिये हिंदी में बदला जाता है, तो कई शब्दों का अर्थ ही बदल जाता है। इससे हिंदी पढ़ने वालों को समझ ही नहीं आता कि आखिर यह है क्या।

टेंडर’ का अर्थ हिंदी में ‘नाजुक’ बन जाता है

मसलन, उपयोगकर्ता जब वेबसाइट को गूगल के ट्रांसलेशन टूल से इसे हिंदी में बदलता है, तो उसमें अंग्रेजी शब्द ‘टेंडर’ का अर्थ हिंदी में ‘नाजुक’ बन जाता है। जबकि ‘होर्डिंग’ का मतलब बदलकर हिंदी में ‘जमाखोरी’ हो जाता है।

इसी तरह शहर को जानें कॉलम में वन विहार बदलकर ‘तूफान आ रहा है’ हो जाता है। इसी तरह कुछ अन्य शब्द भी बदल जा रहे हैं जो उपयोकर्ताओं के लिए दिक्कत भरा होता है।

2023 में आखिरी बार अपडेट किया गया था

बता दें कि नगर निगम भोपाल की वेबसाइट वर्ष 2015 में बनाई गई थी। इसके बाद इसे अपडेट किया जा चुका है। वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार इसे 2023 में आखिरी बार अपडेट किया गया था। तब से यह इसी फार्मेट में है।

वेबसाइट को हिंदी में शुरू करने की मांग

उपयोकर्ता नगर निगम की वेबसाइट को हिंदी में शुरू करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि नगर निगम भोपाल के अधिकारी इससे अनजान बने हुए हैं और अब वेबसाइट में जल्द हिंदी विकल्प जोड़ने की बात कह रहे हैं।

हैरत की बात यह है कि दो साल से वेबसाइट को अपडेट तक नहीं किया गया, जबकि तकनीक के इस दौर में हर छह महीने में मोबाइल तक में वर्जन अपडेट हो जाते हैं। कई वेबसाइट व एप तो लगातार अपना अपडेट वर्जन देते रहते हैं ताकि वे सुरक्षित रह सकें और उपयोगकर्ताओं के लिए यह आसान रहे।

Shreya News
Author: Shreya News

Leave a Comment

READ MORE

Join Us