श्रेया न्यूज़ शहडोल सीमा सिंह :- उमरिया के बिरसिंहपुर पाली में एंटी विजिलेंस टीम ने रमेश इंजीनियरिंग फर्म में दो करोड़ से अधिक की टैक्स चोरी पकड़ी। फर्जी बिलिंग और गलत आईटीसी क्लेम आवासीय क्वार्टर D-218 से चलाए जा रहे थे। दस्तावेज, बिल और इलेक्ट्रॉनिक डेटा जब्त किए गए। जांच में और बड़े खुलासों की आशंका है।
उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली में जबलपुर एंटी विजन ब्यूरो की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रमेश इंजीनियरिंग नाम की फर्म में टैक्स चोरी का बड़ा मामला पकड़ा है। अधिकारियों को लंबे समय से शक था कि कंपनी गलत बिलिंग और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट के जरिए करोड़ों का नुकसान पहुंचा रही है। दस्तावेजों की जांच शुरू होते ही पता चला कि यह पूरा कारोबार संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र की आवासीय कॉलोनी के क्वार्टर डी-218 से चलाया जा रहा था, जिसे नियमों के हिसाब से केवल रहने के लिए ही उपयोग किया जा सकता है।
कार्रवाई बुधवार दोपहर एक बजे शुरू हुई। लगभग 12 से 14 अधिकारियों की टीम ने क्वार्टर और उससे जुड़े दस्तावेजों की तलाशी ली। कई अहम फाइलें, बिल, इलेक्ट्रॉनिक डेटा और लेनदेन से जुड़े कागज मिले हैं। इन्हें अब जबलपुर स्थित कार्यालय भेजकर विस्तृत स्क्रूटनी की जाएगी। जॉइंट कमिश्नर याचना पाठक ने बताया कि आवासीय कॉलोनी से इस तरह व्यावसायिक गतिविधि चलाना भी बड़ा उल्लंघन है और इसे जांच में प्रमुख रूप से शामिल किया गया है।
संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के मुख्य अभियंता एच.के. त्रिपाठी ने कहा कि उन्हें इस गतिविधि की जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि क्वार्टर के आवंटन और उसके उपयोग की अलग से जांच होगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
विभाग का मानना है कि मामला सिर्फ टैक्स चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें नियमों की कई और परतें जुड़ी हो सकती हैं। टीम आगे की रिपोर्ट तैयार करते समय हर दस्तावेज की बारीकी से जांच कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद अगला कदम तय किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई का दायरा भी बढ़ाया जा सकता है।







