श्रेया न्यूज़ शहडोल सीमा सिंह :- उमरिया के मझौली गांव में बाघिन तीन शावकों के साथ डेरा डाले हुए है, जिससे ग्रामीण दहशत में हैं। खेतों में काम ठप है, बच्चे स्कूल नहीं जा रहे। वन विभाग ने अलर्ट जारी कर पेट्रोलिंग बढ़ाई है और ड्रोन से निगरानी कर रहा है। बाघिन को सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ने की तैयारी जारी है।
उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लगे मझौली गांव में इन दिनों दहशत का माहौल है। पनपथा परिक्षेत्र के पास स्थित इस गांव में एक बाघिन अपने तीन शावकों के साथ डेरा डाले हुए है। ग्रामीणों ने कई बार बाघिन को खेतों और रास्तों के आसपास घूमते देखा है, जिसके बाद से लोग घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं। खेतों में काम बंद हो गया है और शाम ढलते ही गांव सुनसान हो जाता हैI
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे स्कूल जाने में डर रहे हैं और पशुपालक अपने मवेशियों को खुले में नहीं छोड़ पा रहे। कई परिवार रात में घरों के बाहर आग जलाकर पहरा दे रहे हैं। गांव के बुजुर्गों ने बताया कि इस क्षेत्र में पहले भी बाघों की मूवमेंट देखी गई थी, लेकिन इस बार बाघिन शावकों के साथ रुक गई है, जिससे खतरा और बढ़ गया है।
वन विभाग और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की संयुक्त टीम ने गांव के बाहर पेट्रोलिंग बढ़ा दी है। पार्क प्रबंधन द्वारा बाघिन को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर खदेड़ने की तैयारी की जा रही है। टीम के सदस्य लाउडस्पीकर के माध्यम से ग्रामीणों को सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं। वहीं ड्रोन कैमरे की मदद से बाघिन की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि बाघिन के शावक अभी छोटे हैं, इसलिए वह उन्हें लेकर सुरक्षित जगह तलाश रही है। यदि समय रहते उसे जंगल की ओर नहीं लौटाया गया तो जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल गांव में रेड अलर्ट जैसा माहौल है और लोग प्रशासन से जल्द समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।







