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कुत्तों से जान बचाकर ग्रामीण के घर में घुसा चीतल का शावक, वन विभाग ने किया रेस्क्यू

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 श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- रसमोहनी बस्ती में शनिवार को कुत्तों के झुंड से बचता हुआ चीतल का बच्चा एक ग्रामीण के घर में घुस गया। ग्रामीणों ने उसे सुरक्षित किया और तत्काल वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और चीतल को सुरक्षित रेस्क्यू किया।
जैतपुर वन परिक्षेत्र की रसमोहनी बस्ती में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब कुत्तों के झुंड से बचता हुआ एक चीतल का शावक बस्ती में घुस आया। कुत्ते लगातार उसका पीछा कर रहे थे। जान बचाने के लिए चीतल का शावक दौड़कर एक ग्रामीण के घर में घुस गया। ग्रामीणों ने उसे सुरक्षित किया और तुरंत वन विभाग को सूचना दी।
सूचना मिलते ही जैतपुर वन परिक्षेत्र की टीम मौके पर पहुंची। वनकर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से चीतल के शावक का सुरक्षित रेस्क्यू किया और उसे अपने संरक्षण में लिया। उसके शरीर पर चोट के निशान मिले, जिससे आशंका जताई गई कि कुत्तों के हमले में वह घायल हुआ है। इसके बाद वन विभाग ने पशु चिकित्सा अधिकारी को बुलाकर उसका उपचार कराया।
पशु चिकित्सक ने घावों की साफ-सफाई कर आवश्यक उपचार कियाशावक को इंजेक्शन और मरहम लगाया गया। फिलहाल उसे वन विभाग की निगरानी में रखा गया है। जैतपुर वन परिक्षेत्र के रेंजर बृजलाल प्रजापति ने बताया कि कुत्तों के पीछा करने के कारण चीतल का शावक बस्ती में पहुंच गया था। ग्रामीणों की समय पर सूचना मिलने से उसका सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। उसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही हैपूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया जाएगा।

जैतपुर क्षेत्र में जंगल से सटे इलाकों में वन्यजीवों की आवाजाही अक्सर देखी जाती है। जंगल के आसपास बस्तियां होने के कारण कई बार जंगली जानवर भटककर आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं। कुछ माह पहले भी जैतपुर क्षेत्र में भालू की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना था। उसे पकड़ने के लिए वन विभाग ने पिंजरा लगाया था, लेकिन वह उसमें नहीं फंसा और बाद में जंगल की ओर लौट गया।

वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई वन्यजीव आबादी वाले क्षेत्र में दिखाई दे तो उसके पास न जाएं और न ही उसे पकड़ने या भगाने का प्रयास करें। इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दें, ताकि वन्यजीव का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे प्राकृतिक आवास में छोड़ा जा सके।
Shreya News
Author: Shreya News

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