श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- तालाब में तीन महीने से टैंकर डूबा है, लेकिन पंचायत को इसकी जानकारी तक नहीं थी। शहडोल के कमता गांव में सामने आए मामले में पंचायत सचिव ने टैंकर को ठेकेदार का निजी वाहन बताया है।
बताया गया कि बसोर मोहल्ले के तालाब में घाट निर्माण का कार्य कराया जा रहा था। निर्माण के दौरान पानी की जरूरत पूरी करने के लिए ठेकेदार द्वारा निजी टैंकर का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसी दौरान टैंकर तालाब में डूब गया। आरोप है कि इसके बाद करीब तीन महीने बीत जाने के बावजूद टैंकर को तालाब से बाहर नहीं निकाला गया है।
मामले में ग्राम पंचायत कमता के सचिव रामलखन शुक्ला ने बताया कि उन्हें टैंकर के तालाब में डूबे होने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि मौके की जानकारी लेकर मामले को देखा जाएगा। सचिव ने स्पष्ट किया कि तालाब में डूबा टैंकर सरकारी नहीं है, बल्कि घाट निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार का निजी टैंकर है।
अब यह भी देखना होगा कि टैंकर तालाब में कब और किन परिस्थितियों में डूबा तथा इतने समय तक उसे बाहर निकालने की कोशिश क्यों नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य से जुड़े संसाधनों के रखरखाव को लेकर संबंधित ठेकेदार को भी जिम्मेदारी से काम करना चाहिए।













