श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- उमरिया। तेज बारिश और उफनते नाले के बीच जिंदगी और मौत से जूझ रही एक प्रसूता के लिए एसडीआरएफ की टीम देवदूत बनकर सामने आई। टीम ने अपनी जान की परवाह किए बिना प्रसूता को सुरक्षित घर से बाहर निकाला और तेज बहाव वाले चपहा नाले को पार कराते हुए 108 एंबुलेंस तक पहुंचाया। इसके बाद प्रसूता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने एक सुंदर बेटी को जन्म दिया। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं।
रात करीब दो बजे अचानक शुरू हुई प्रसव पीड़ा
15 अगस्त की रात करीब दो बजे उमरिया शहर के वार्ड क्रमांक 13 जमुनिया निवासी संगीता रजक, पति अमित रजक को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजन ने तत्काल 108 एंबुलेंस को सूचना दी। एंबुलेंस प्रसूता को लेने पहुंची, लेकिन उस समय तेज बारिश के कारण चपहा नाला उफान पर था और पुल के ऊपर से पानी तेज बहाव के साथ गुजर रहा था। ऐसे में एंबुलेंस को नाला पार कराना संभव नहीं था।
टीम के सदस्यों ने प्रसूता को सुरक्षित बाहर निकाला
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। टीम के सदस्यों ने प्रसूता को सुरक्षित बाहर निकाला और उफनते नाले के तेज बहाव के बीच सावधानीपूर्वक नदी पार कराई। इसके बाद उसे 108 एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। समय पर उपचार मिलने के बाद प्रसूता ने अस्पताल में बेटी को जन्म दिया।
बचाव अभियान का सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो
इस पूरे बचाव अभियान का सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में एनडीआरएफ के जवानों की तत्परता और साहस दिखाई दे रहा है। बारिश और तेज बहाव के बीच किए गए इस रेस्क्यू की लोग जमकर सराहना कर रहे हैं। एनडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई ने न केवल एक प्रसूता बल्कि उसके गर्भस्थ शिशु की जान भी सुरक्षित बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।













