श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- गंजबासौदा। चार दिन पहले ग्राम पड़रिया शिवरामपुर में हुई दिल दहला देने वाली घटना अब सामने आई है। यहां एक पिता ने अपने ही दस वर्षीय बेटे के हाथ-पैर बांधकर उसे मोटरसाइकिल से घसीट दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्रामीणों ने इस बच्चे को छुड़ाया।
इसमामले में बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) ने पीड़ित बच्चे सहित चारों भाई-बहनों को सुरक्षित आश्रय के लिए भोपाल स्थित बाल गृह भेज दिया है। वहीं आरोपित पिता के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।
ग्रामीणों ने बचाई जान
जानकारी के अनुसार घटना 26 जुलाई की रात की है। गांव में ही एक व्यक्ति ने घर की अलमारी टूटने पर शराब के नशे में दस वर्ष के बच्चे के हाथ-पैर बांधे और मोटर साइकिल से बांधकर गांव की गलियों में घुमाया। जब गांव वालों ने बच्चे को देखा तो उन्होंने बीच बचाव कर बच्चे को छुड़ाया। सूचना मिलने पर सरपंच लक्ष्मण सिंह दांगी भी वहां पहुंचे और घायल बच्चे सहित अन्य बच्चों को अस्पताल पहुंचाया।
इसके बाद अंबानगर पुलिस चौकी और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को सूचना दी गई।मामले की जानकारी मिलने पर सत्यार्थी मूवमेंट फॉर ग्लोबल कम्पैशन के कार्यकर्ता भी सक्रिय हुए और बच्चों की सुरक्षा की प्रक्रिया शुरू कराई। अगले दिन बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाना था, लेकिन उनकी दादी उन्हें अपने साथ लेकर चली गईं। बाद में सरपंच ने बच्चों को सुरक्षित तलाश कर अपने संरक्षण में रखा।
चारों बच्चों को बाल गृह भेजा गया
इसके बाद सामाजिक कार्यकर्ताओं की मदद से चारों बच्चों को विदिशा ले जाकर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति के निर्देश पर बच्चों का मेडिकल परीक्षण और काउंसलिंग कराई गई। इसके बाद चारों बच्चों को सुरक्षित बाल गृह, भोपाल भेज दिया गया।
सरपंच लक्ष्मण सिंह दांगी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने आरोपित को छोड़ दिया है और वह गांव में कुल्हाड़ी लेकर खुलेआम घूमते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपित लंबे समय से नशे का आदी है और पहले भी बच्चों के साथ मारपीट व प्रताड़ना करता रहा है। घटना सामने आने के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है।








