श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- अमलाई। नगर परिषद बकहो में एल्डरमैन पार्षदों के पदों की घोषणा हुए करीब डेढ़ माह बीत चुका है, लेकिन अब तक नियुक्ति एवं पदभार ग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं कराई गई है। घोषित नामों में पंकज नापित (वार्ड 01), अनिल वर्मा (वार्ड 04), राहुल जैन (वार्ड 04) एवं रजनीश प्रसाद मिश्रा (वार्ड 09) शामिल हैं, इसके बावजूद परिषद प्रशासन की ओर से अब तक किसी को आधिकारिक रूप से पदभार नहीं सौंपा गया।
इस देरी को लेकर नगर परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। क्षेत्र में यह चर्चा जोरों पर है कि आखिर ऐसी क्या वजह है जिसके चलते जानबूझकर नियुक्ति प्रक्रिया को लंबित रखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एल्डरमैन की नियुक्ति होने के बाद परिषद के कार्यों में निगरानी बढ़ेगी और कई महत्वपूर्ण मुद्दे उजागर हो सकते हैं। ऐसे में जिम्मेदार लोग अपने ही कार्यों पर सवाल उठने के डर से प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ा रहे हैं।
मामला केवल एल्डरमैन नियुक्ति तक सीमित नहीं है। प्रशासन द्वारा क्षेत्र के विकास एवं जनसमस्याओं के निराकरण के उद्देश्य से गठित अंत्योदय समिति की बैठक भी घोषणा के बाद से अब तक आयोजित नहीं की गई है। जबकि इस समिति का उद्देश्य विकास कार्यों की समीक्षा एवं क्षेत्रीय समस्याओं पर गंभीरता से चर्चा करना था।
नगर परिषद बकहो में इन दिनों भारी भर्रेशाही का माहौल देखने को मिल रहा है। आरोप लग रहे हैं कि प्रशासन की मंशा के विपरीत परिषद के जिम्मेदार अपनी मनमर्जी चला रहे हैं और शासन द्वारा गठित समितियों को भी नजरअंदाज किया जा रहा है। क्षेत्र में यह चर्चा भी तेज है कि परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष ने पार्टी की मंशा के विपरीत जाकर पद हासिल किया था, लेकिन अब वही लोग पार्टी के नियम-कायदों एवं संगठन की भावना के विपरीत कार्य कर रहे हैं। इतना ही नहीं, पार्टी कार्यकर्ताओं एवं प्रशासन द्वारा घोषित समितियों की लगातार अनदेखी किए जाने के आरोप भी लग रहे हैं।
क्षेत्रवासियों में इस पूरे मामले को लेकर भारी नाराजगी व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि पारदर्शिता से बचने की एक सोची-समझी रणनीति हो सकती है। नगर विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले भी इस देरी के कारण प्रभावित हो रहे हैं।







