श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- अनूपपुर में छात्रावास की जमीन से निजी निर्माण के लिए रास्ता देने के विरोध में सैकड़ों छात्रों ने अमरकंटक-रीवा मार्ग पर चक्काजाम किया। छात्रों ने गेट हटाकर बाउंड्रीवाल बनाने की मांग की। प्रशासन ने एग्रीमेंट और रास्ते की स्थिति जांचने की बात कही।
पुष्पराजगढ़ तहसील मुख्यालय राजेंद्रग्राम के समीप बसनिहा ग्राम पंचायत मोड़ पर मंगलवार को शासकीय महाविद्यालय पुष्पराजगढ़ के छात्रावास के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने चक्काजाम कर दिया। आदिवासी छात्र संगठन के बैनर तले किए गए प्रदर्शन में छात्रों ने छात्रावास की जमीन से निजी निर्माण के लिए रास्ता दिए जाने का विरोध किया।
चक्काजाम के कारण अमरकंटक-रीवा मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया और दोनों ओर करीब दो किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई। विद्यार्थियों का कहना है कि छात्रावास परिसर से लगी निजी भूमि पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। निर्माण स्थल तक आवागमन के लिए छात्रावास की ओर गेट लगाया जा रहा है। छात्रों ने शासकीय भूमि से निजी जमीन तक रास्ता दिए जाने पर आपत्ति जताई है।
उन्होंने गेट हटाकर संबंधित स्थान पर छात्रावास की बाउंड्रीवाल बनाने की मांग की है। छात्रों के अनुसार, मामले को लेकर पहले भी आवेदन और ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन करना पड़ा। विद्यार्थियों ने कहा कि अब वे कलेक्टर से सीधे बातचीत करेंगे।
छात्रों के चक्काजाम की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार, राजस्व अमला और राजेंद्रग्राम पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों और पुलिस ने विद्यार्थियों को समझाकर प्रदर्शन समाप्त कराने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांग पर अड़े रहे। इस दौरान अधिकारियों और छात्रों के बीच बातचीत चलती रही।
एग्रीमेंट की जांच कर रहा प्रशासन
उन्होंने बताया कि छात्रावास निर्माण की एजेंसी ग्राम पंचायत है। निर्माण को लेकर दोनों पक्षों के बीच पूर्व में किस प्रकार का एग्रीमेंट हुआ है, इसकी जांच की जा रही है। साथ ही शासकीय भूमि से निजी रास्ता दिया जा सकता है या नहीं, इस पहलू की भी जांच की जा रही है।
मांग पूरी होने तक आंदोलन की चेतावनी
थाना प्रभारी वीरेंद्र बरकड़े ने बताया कि विद्यार्थियों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है और अधिकारियों की बातचीत जारी है। वहीं छात्र गेट हटाकर छात्रावास की बाउंड्रीवाल बनाने का स्पष्ट आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रखने की बात पर अड़े हुए हैं।









