श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- उमरिया। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के तामन्नारा गांव में गर्भवती महिला की मौत के बाद अंधविश्वास और जादू-टोने के शक में जमकर हंगामा हुआ। आक्रोशित ग्रामीणों ने एक महिला को पकड़कर पेड़ से बांध दिया। सूचना मिलने पर प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और महिला को मुक्त कराकर सुरक्षा के लिए कोतवाली भेजा।
जानकारी के अनुसार तामन्नारा निवासी मौसम बाई बैगा की तबीयत खराब होने पर उसे उमरिया जिला अस्पताल लाया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। शहडोल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। परिजन शव लेकर गांव लौट आए। देर होने के कारण उस दिन अंतिम संस्कार नहीं हो सका और अगले दिन इसकी तैयारी की जा रही थी।
इसी दौरान गांव की श्याम बाई बैगा वहां पहुंची। ग्रामीणों के अनुसार वह कथित रूप से झूमते हुए अजीबोगरीब बातें करने लगी। उसने खुद को गीता बाई बताते हुए कहा कि उसने बदला ले लिया है और महिला को उसने ही खाया है। उसके कथित बयानों के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। कुछ लोगों ने उसे पकड़कर पास के पेड़ से बांध दिया। घटना की जानकारी प्रशासन को मिलने पर हड़कंप मच गया।
पुलिस ने महिला को मुक्त कराया
डेप्युटी कलेक्टर प्रत्यूष श्रीवास्तव पुलिस बल के साथ तत्काल गांव पहुंचे और महिला को ग्रामीणों के कब्जे से मुक्त कराया। उसे सुरक्षा की दृष्टि से कोतवाली भेज दिया गया। प्रशासन की मौजूदगी में मृतक महिला का अंतिम संस्कार भी कराया गया।
पुलिस कर रही मामले की जांच
डेप्युटी कलेक्टर ने बताया कि करीब दोपहर 12 बजे तामन्नारा में महिला को बंधक बनाए जाने की सूचना मिली थी। पुलिस की सहायता से मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया गया। मामले की जांच की जा रही है। घटना ने आदिवासी अंचलों में अब भी मौजूद अंधविश्वास और उससे उपजने वाली हिंसा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को जागरूक करने और कानून हाथ में न लेने की समझाइश दी जा रही है।













