श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोल। जिले में रेत का वैध ठेका नहीं होने के बावजूद ब्यौहारी और जयसिंहनगर की सीमा पर स्थित सौता गांव में झापर नदी से कथित अवैध खनन और परिवहन का खेल दिनदहाड़े चल रहा है। मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।
रेत से लदे ट्रैक्टर दिनभर गुजरते हैं
ग्रामीण अजय कुमार सिंह के अनुसार स्कूल के सामने से रेत से लदे ट्रैक्टर दिनभर गुजरते हैं। ग्रामीणों ने चालकों से सावधानी से वाहन चलाने की अपील की तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि चालकों ने मौके पर ब्यौहारी के राकेश उर्फ लाला तिवारी को बुला लिया और ग्रामीणों को धमकाया।
झापर नदी से 40 से अधिक ट्रैक्टर रोजाना रेत निकाल रहे हैं
वायरल वीडियो में इसी विवाद को देखा जा रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि संबंधित व्यक्ति के वाहन पर अध्यक्ष भाजपा मंडल टिहकी’ लिखा हुआ था। ग्रामीण नरेंद्र यादव का आरोप है कि झापर नदी से 40 से अधिक ट्रैक्टर रोजाना रेत निकाल रहे हैं। रेत को गांव के आसपास एकत्र करने के बाद जेसीबी से हाईवा वाहनों में लोड कर जिले से बाहर भेजा जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में अभी भी बड़ी मात्रा में रेत का कथित अवैध भंडारण मौजूद है।
पुराने वीडियो भी अधिकारियों तक पहुंचाए
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले भी पुलिस और खनिज विभाग को शिकायतें कीं और पुराने वीडियो भी अधिकारियों तक पहुंचाए, लेकिन मौके पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अब नया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने अब नया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि रेत के इस कथित कारोबार को एक प्रभावशाली स्थानीय भाजपा नेता का संरक्षण प्राप्त है।
पटवारी-एएसआई की मौत के बाद भी नहीं रुका
शहडोल जिले में रेत के अवैध कारोबार से जुड़े मामलों में पहले पटवारी और सहायक उप निरीक्षक की ट्रैक्टर से कुचलकर मौत हो चुकी है। इन घटनाओं के बावजूद ग्रामीणों का आरोप है कि नदी से रेत की कथित चोरी पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है।













