श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोल। रेल नक्शे पर शहडोल की अहमियत अब और बढ़ने वाली है। केंद्रीय कैबिनेट ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की जिन मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है, उनमें शहडोल संभाग से सीधे जुड़ी दो बड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य
कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइनऔर बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी लाइन के निर्माण पर कुल 4,254 करोड़ रुपये खर्च होंगे। दोनों परियोजनाओं की लंबाई 288 किमी है और इन्हें 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
सीधा फायदा यात्रियों के साथ माल परिवहन को भी मिलेगा
इन लाइनों के पूरा होने के बाद शहडोल-अनूपपुर से गुजरने वाले व्यस्त रेल कारिडोर की क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम होगी। इसका सीधा फायदा यात्रियों के साथ माल परिवहन को भी मिलेगा। शहडोल से बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, वहीं उत्तर भारत की ओर नई ट्रेनों की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
रोजगार के बड़े अवसर भी पैदा करेंगी
परियोजनाएं अमरकंटक, बांधवगढ़, अचानकमार और खुटाघाट जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान करने के साथ रोजगार के बड़े अवसर भी पैदा करेंगी। कनेक्टिविटी, कारोबार, पर्यटन और रोजगार को रफ्तार मिलेगी।
- 288 किमी की दो परियोजनाएं सीधे शहडोल संभाग से जुड़ीं।
- 4,254 करोड़ रुपये होंगे खर्च, 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य।
- कटनी-पेंड्रा चौथी लाइन की लंबाई 201 किमी, लागत 2,975 करोड़।
- बिलासपुर-उसलापुर-पेंड्रा रोड तीसरी लाइन 87 किमी, लागत 1,279 करोड़।
- ट्रेनों की लेटलतीफी घटेगी, नई यात्री ट्रेनों की राह होगी आसान।
- माल परिवहन तेज होने से कारोबार और औद्योगिक गतिविधियों को मिलेगा बल
- अमरकंटक, बांधवगढ़, अचानकमार और खुटाघाट जैसे पर्यटन स्थलों को फायदा।
- दोनों परियोजनाओं से मिलाकर करीब 98 लाख मानव-दिवस रोजगार का अनुमान
- रेल विस्तार से कार्बन उत्सर्जन और लाजिस्टिक लागत में भी आएगी कमी।













