जानकारी के अनुसार, गो चरण सिंह के लापता होने के बाद से परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। गांव और आसपास के इलाकों में खोजबीन के बावजूद युवक का कोई पता नहीं चल सका था। इसी बीच नदी किनारे से गुजर रहे एक चरवाहे को एक स्थान से तेज दुर्गंध महसूस हुई। संदेह होने पर चरवाहे ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और संदिग्ध स्थान की जांच शुरू की। दुर्गंध वाले स्थान पर जमीन की खुदाई कराई गई तो अंदर से एक युवक का शव बरामद हुआ। शव की पहचान लापता गो चरण सिंह के रूप में होने के बाद पुलिस ने परिजनों को इसकी सूचना दी। शव जमीन में दफन मिलने की खबर फैलते ही क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुट गई और मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर युवक की मौत कैसे हुई और उसका शव नदी किनारे जमीन में किसने दफन किया। युवक पांच सितंबर से लापता था और चार दिन बाद उसका शव इस तरह बरामद होना मामले को और संदिग्ध बना रहा है। परिजनों ने आशंका जताई है कि युवक की हत्या करने के बाद शव को सुनसान स्थान पर ले जाकर दफन किया गया।
हालांकि, पुलिस की ओर से अभी हत्या की पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस आसपास के इलाके में पूछताछ कर रही है और युवक के लापता होने से लेकर शव बरामद होने तक की परिस्थितियों को खंगाल रही है।
फिलहाल पुलिस हत्या, हादसा और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और शव को नदी किनारे जमीन में किसने दफन किया। मामले ने इलाके में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।













