श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोलः एनीमिया से किसी भी महिला की मृत्यु हुई तो सख्त कार्रवाई होगी। इस बात का ध्यान रखें कि हाई रिस्क डिलीवरी पर सबसे ज्यादा फोकस रहे। संभाग के तीनों जिलों के चिकित्सा अधिकारी शिशु और मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए सतत प्रयास करें। साथ ही संभाग के सभी पोषण पुनर्वास केंद्रों में आदर्श व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराएं। यह बात कमिश्नर सुरभि गुप्ता ने अपने कार्यालय में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में चिकित्सा अधिकारियों से कही।
कमिश्नर ने कहा है कि संभाग में एनीमिया से पीड़ित महिलाओं को चिह्नित कर उन्हें सतत रूप से उपचार मुहैया कराया जाए तथा उन्हें स्वास्थ्य के प्रति सतत रूप से जागरूक किया जाए।एनीमिक महिलाओं एवं हाई रिस्क डिलीवरी वाली महिलाओं को चिह्नित कर उनके उपचार संबंधित सभी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए।
किसी भी एनीमिक महिला की उपचार के अभाव में मृत्यु नहीं होनी चाहिए। एनीमिक महिला की मृत्यु होने की स्थिति में संबंधित क्षेत्र के खंड चिकित्सा अधिकारी एवं अन्य अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी तथा उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में नव विवाहित गर्भवती महिलाओं के पंजीयन की जिलेवार समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने चिकित्साअधिकारियों को निर्देश दिए कि आधार कार्ड और समग्र आइडी के. कारण नव विवाहित महिलाओं के पंजीयन में किसी भी प्रकार का गतिरोध उत्पन्न नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नव विवाहिता महिलाओं के पंजीयन का कार्य शत. प्रतिशत कराएं। शहडोल संभाग के बुढ़ार, सोहागपुर एवं पुष्पराजगढ़ क्षेत्र में नव विवाहित महिलाओं के पंजीयन में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर कमिश्नर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। कमिश्नर ने कहा कि संभाग के सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को उनके क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं की सूची उनके पास होना चाहिए व गर्भवती महिलाओं तथा गंभीर एनीमिया से पीड़ित महिलाओं को उनके प्रोटोकाल के हिसाब से सभी उपचार मुहैया होने चाहिए।
कमिश्नर ने एनआरसी की स्थिति की जिलेवार समीक्षा करते हुए कहा कि संभाग के सभी एनआरसी को आदर्श स्थिति में लाएं। निर्देश दिए कि हाई रिस्क डिलीवरी के प्रकरणों की निगरानी जिला स्तर से किया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शहडोल संभाग में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए सभी चिकित्सक व मैदानी अधिकारी-कर्मचारी सेवा भाव से काम करें।
बैठक में कमिश्नर ने टीकाकरण कार्यक्रम, गृह आधारित नवजात शिशु देखभाल कार्यक्रम एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की भी समीक्षा की गई। बैठक में संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं, संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग, संभाग के तीनों जिलों के सीएमएचओ, बीएमओ एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।








