श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- उमरिया। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व को छत्तीसगढ़ के अचानकमार टाइगर रिजर्व को जोड़ने वाले अहम बाघ कारिडोर के पास तीसरे कोयला ब्लाॅक को पर्यावरण मंत्रालय की एक्सपर्ट कमेटी ने खनन के लिए स्वीकृति दे दी है।
बैठकों में कमेटी ने पर्यावरण मंज़ूरी देने की सिफ़ारिश की थी
इससे पहले आठ-नौ जुलाई को हुई बैठकों में कमेटी ने मरवटोला-सात कोल ब्लाक और अर्जुन वेस्ट कोल ब्लाक में खनन के लिए पर्यावरण मंज़ूरी देने की सिफ़ारिश की थी। ये ब्लाक क्रमशः बांधवगढ़-अचानकमार टाइगर कारिडोर से 53 मीटर और 3.9 मीटर की दूरी पर स्थित हैं।
ये खदानें बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लगे उमरिया सामान्य वन मंडल के घुनघुटी और पाली रेंज के जंगल के नजदीक हैं। पिथोरा ईस्ट परियोजना का खनन पट्टा क्षेत्र एक हजार हेक्टेयर से अधिक है, जिसमें 800 हेक्टेयर से अधिक वन भूमि शामिल है।
हालांकि, भूमिगत खनन होने के कारण प्रारंभिक चरण में केवल 20 हेक्टेयर भूमि पर ही कार्य होगा। इस परियोजना का संचालन बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड करेगी। वहीं मरवाटोला-सात परियोजना में लगभग 1,200 हेक्टेयर के पट्टा क्षेत्र में से एक हजार हेक्टेयर से अधिक वन भूमि शामिल है।
इसका संचालन रामा सीमेंट इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आंशिक ओपनकास्ट और आंशिक भूमिगत खनन के रूप में किया जाएगा। वहीं अर्जुनी वेस्ट में गंगा खनिज प्राइवेट लिमिटेड भूमिगत खनन करेगी, जिसके लिए लगभग एक हजार हेक्टेयर वन भूमि का डायवर्जन प्रस्तावित है।







