श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोल जिला चिकित्सालय के एसएनसीयू में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने 870 ग्राम वजन की समय से पहले जन्मी बच्ची की जान बचाई। सात माह की गर्भावस्था में जन्मी बच्ची का 58 दिनों तक उपचार चला। अब उसका वजन बढ़कर 1.7 किलो हो गया है और वह पूरी तरह स्वस्थ है।
अस्पताल के अनुसार, जयसिंहनगर तहसील के ग्राम बाराछ निवासी स्वरूपा सेन को 15 जुलाई को ब्यौहारी सिविल अस्पताल से जिला चिकित्सालय रेफर किया गया था। जिला अस्पताल पहुंचने के एक घंटे के भीतर उन्होंने बच्ची को जन्म दिया। जन्म के समय बच्ची का वजन महज 870 ग्राम था। उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी और दिल की धड़कन भी कमजोर थी। हालत को देखते हुए तत्काल एसएनसीयू में भर्ती कर सीपैप मशीन से सांस लेने में मदद दी गई। फेफड़ों के अपरिपक्व होने के कारण बच्ची को सर्फेक्टेंट दवा भी दी गई।
बच्ची की देखभाल के लिए जन्म के तीसरे दिन से ही कंगारू मदर केयर (केएमसी) शुरू कर दिया गया। मां को डॉक्टरों और नर्सों ने इसकी विधि समझाई, जिससे वह नियमित रूप से बच्ची की देखभाल में सहयोग करती रहीं। 58 दिनों के उपचार के बाद बच्ची का वजन बढ़ने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दी गई। सात दिन बाद हुए पहले फॉलोअप में भी वजन बढ़ने की पुष्टि हुई। 12 अक्टूबर को एक माह बाद जांच में बच्ची का वजन 1.7 किलो पाया गया और वह स्वस्थ मिली।
सीएमएचओ डॉ. राजेश मिश्रा और सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ के नेतृत्व में मिली इस सफलता में एसएनसीयू प्रभारी डॉ. सुनील कुमार हथगेल, डॉ. सुप्रिया, डॉ. कृष्णेंद्र, डॉ. बृजेश पटेल, नर्सिंग इंचार्ज अपर्णा सिंह सहित नर्सिंग और सपोर्ट स्टाफ की भूमिका रही। बच्ची के स्वस्थ होने से माता-पिता ने राहत जताते हुए चिकित्सकीय टीम का आभार व्यक्त किया।










